
Adityapur: राज्य में नई नियोजन नीति में हिन्दी, अंग्रेजी समेत कई महत्वपूर्ण भाषाओं को हटाने तथा वैसी भाषा जिसकी राज्य के किसी स्कूल में पढ़ाई नहीं होने तथा कोई शिक्षक नहीं होने के बावजूद नियोजन नीति में स्थान दिये जाने के मामले में कांग्रेस के तीन राज्यों के प्रभारी सह अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य डॉ अजय ने अपनी की पार्टी के समर्थन से चल रही झारखंड सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
उन्होने नियम को बकवास करार देते हुए कहा कि राष्ट्रीय कांग्रेस इस मामले को गंभीरता से लेगी. उन्होने कहा कि सरकार के इस निर्णय से राज्य के 80 प्रतिशत बच्चे चयन प्रक्रिया से छंट जाएंगे. कहा झारखंड सरकार के नीति निर्धारको को यह पता होना चाहिए कि हिन्दी एक अनिवार्य भाषा और इंग्लिश देश की ऑफिशियल भाषा है. इन दोनों भाषाओं को नियोजन से कैसे हटाया जा सकता है. कहा कि राज्य में विभिन्न संगठनों द्वारा जो आंदोलन और मांग किया जा रहा है उसका समर्थन करता हूं. डा. अजय शनिवार को पंचायत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह के आवास पहुंचे थे. जहां पंचायत परिषद के सदस्यों ने उनका जोरदार स्वागत किया. उनके साथ इंटक प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष टुन्नू चौधरी, नट्टु झा, रामेश्वर प्रसाद, परमिंदर, अंबुज कुमार, परितोष सिंह आदि शामिल थे.
विस में नमाज रूम की स्थापना को भी बताया गलत, केन्द्र पर भी बड़ा हमला
डॉ अजय ने कहा कि झारखंड विधानसभा में नमाज कक्ष की स्थापना का भी विरोध किया. उन्होने कहा कि ऐसे निर्णय का बिलकुल विरोध होना चाहिए. उन्होने इस निर्णय को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि किसी भी सरकारी बिल्डिंग में प्रार्थना भवन का होना गलत है. केन्द्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि वर्तमान में देश में एक ही सिलेबस हिन्दु-मुस्लिम चल रही है. हालत यह है कि दुनियां का सबसे दुखी देश भारत बन चुका है. जबकि उन्माद में देश का पूरे विश्व में नम्बर एक स्थान हो चुका है. उन्होने आमजनों को भी इसके लिए जिम्मेवार ठहराया.
आरक्षित-गैर आरक्षित वर्ग में भेदभाव करना बंद करे सरकार
सामान्य वर्ग के छात्रों का राज्य से बाहर स्नातक करने पर राज्य की तृतीय वर्ग की नौकरियों में रोक तथा आरक्षित वर्ग के बच्चों के लिए नौकरियां देने के मामले पर डॉ. अजय ने हेमंत सरकार से कहा कि आरक्षित व गैर आरक्षित वर्ग में मतभेद पैदा करना बंद करना चाहिए. कहा कि ऐसा नियम हरगिज नहीं बनाना चाहिए जिससे सामान्य वर्ग व ओबीसी, एएससी व एसटी के बीच लड़ाई शुरू हो जाए.
इरफान के विधायक बनने के पहले से थानों में है मंदिर
इरफान अंसारी द्वारा राज्य के विभिन्न थानों में मंदिर होने के मामले उठाये जाने पर डा. अजय ने कहा कि थानों में मंदिर ऐतिहासिक धरोहर है. इरफान अंसारी के विधायक बनने के पूर्व से ही थानों में मंदिर रहा है.
राज्य के झपटमार नेताओं के बारे में क्या बोल सकता हूं
कांग्रेस को छोड़ने के बाद पुन: कांग्रेस में शामिल डा. अजय ने कहा कि वर्तमान में मैं राहुल गांधी जैसे मजबूत नेता के साथ हूं. राज्य में झपटमार कुछ नेता है उसके बारे में मैं क्या कह सकता हूं. दुसरों को सुधारने से अच्छा है कि मैं खुद सुधर जाऊं.




