
NewDelhi : पिछले तीन दिनों में निवेशकों के 3.62 लाख करोड़ डूब चुके हैं. बता दें कि सप्ताह की शुरुआत से ही शेयर बाजरा लाल निशान में बंद हो रहा है. तीसरे दिन बुधवार को सेंसेक्स 169.45 अंक (0.45%) निफ्टी 44.55 अंक (0.39%) की गिरावट के साथ 37,121.22 और 11,234.35 पर बंद हुआ. आंकड़े पर नजर डालें तो इन तीन दिनों में निवेशकों की संपत्ति 3.62 लाख करोड़ रुपये कम हो गयी है. बुधवार को सेंसेक्स करीब दो महीने के निचले स्तर पर आया. रुपये की कमजोरी और अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक मोर्चे पर बढ़ते तनाव से सोमवार से 970 पॉइंट्स यानी 2.5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आयी थी. शेयरों में आयी इसी गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में लिस्टेड कंपनियों की संपत्ति शुक्रवार से तीन लाख 62 हजार 357.15 करोड़ रुपये घटकर एक करोड़ 52 लाख 73 हजार 265 करोड़ रुपये रह गयी.
इसे भी पढे़ : भारतीयों में अर्थव्यवस्था पर से भरोसा कम हुआ , 83 के मुकाबले अब 56 प्रतिशत का भरोसा कायम
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से निवेशकों को मार पड़ी
बाजार विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से निवेशकों को मार पड़ी है. जियोजीत फाइनैंशल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि कच्चे तेल की ऊंची कीमत और बढ़ते बॉन्ड यील्ड की वजह से वैश्विक स्तर पर ठीक-ठाक माहौल और कमजोरी से रुपये के उबरने के बावजूद घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव बना. बता दें कि सेंसेक्स के 30 शेयरों में 16 शेयर टूटे और 14 के भाव डपर चढ़े. इंडसइंड बैंक, मारुति सुजुकी इंडिया, एचडीएफसी बैंक, यस बैंक और एचडीएफसी के शेयरों गिरे. कोल इंडिया, ओएनजीसी, टाटा स्टील और हीरो मोटोकॉर्प ने बेहतरीन प्रदर्शन किया.




