
Ranchi: चर्चित अलकतरा घोटाला में 1.08 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी कौशल्या इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के निदेशक महेश मेहरा की ओर से दायर दो याचिका पर दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी हो गई । जिसके बाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया।
महेश मेहरा ने रांची की ईडी की विशेष अदालत द्वारा मामले में उनका डिस्चार्ज पिटीशन खारिज करने एवं उनके खिलाफ आरोप गठित करने को अलग-अलग याचिका दायर कर हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। ईडी को ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास एवं अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा था।
दरअसल, कौशल्या इंफ्रास्ट्रक्चर को परवा – गढ़वा रोड की 30 किलोमीटर की सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का काम रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट, डालटेनगंज की ओर से दिया गया था। आरोप लगाया गया है कि कंपनी द्वारा अलकतरा के करीब एक करोड़ 8 लाख रुपए का फर्जी बिल रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट में जमा किया गया। मामले में पहले सीबीआई जांच कर रही थी, बाद में ईडी ने इस मामले को अपने हाथों में लिया।
आरोप पत्र पर कोर्ट ले चुकी है संज्ञान
ईडी कोर्ट में मामले में ईडी ने 6 आरोपियों महेश मेहरा एवं नागवंत पांडेय सहित कौशल्या इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड, कौशल्या टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड, कौशल्या निर्माण प्राइवेट लिमिटेड, बंगाल केडीसी हाउसिंग डेवलपमेंट लिमिटेड के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। जिस पर ईडी कोर्ट ने संज्ञान लिया है। इस मामले में ईडी ने ईसीआईआर 3/2023 दर्ज किया है। बता दें कि वर्ष 2021 में ईडी ने झारग्राम में कौशल्या हेरिटेज होटल को जप्त किया था. कंपनी ने 59 रसीद जमा की थी। इसमें से 33 रसीद ही सही मिली थी। 560.959 मेट्रिक टन अलकतरा से संबंधित 1.08 करोड़ वाली रसीद फर्जी पाई गई थी।




