JharkhandLead NewsRanchi

कोरोना काल में अनाथ हुए मासूमों की मदद को शुरू हुई पहल, PM Care for Children Scheme से मिलेगा सहारा

Ranchi : राज्य भर में कोरोना काल में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जान गंवायी. अब तक इसके चलते 5120 लोगों के सांसों की डोर टूट चुकी है. इनमें से कई ऐसे केस भी हैं जिनमें बच्चों के सिर से मां-पिता दोनों का साया उठ गया. वे अनाथ हो गये. कोई नजदीकी परिजन भी उन्हें देखनेवाला नहीं. ऐसे अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी लेने को उन्हें केंद्र प्रायोजित स्पांसरशिप स्कीम का लाभ दिये जाने की पहल शुरू की गयी है. इसके अलावा पीएम केयर फॉर चिल्ड्रेन स्कीम का भी लाभ दिया जाना है.

इसे भी पढ़ें :बिहार पंचायत चुनाव में सुरक्षा होगी सख्त, हर बूथ पर 6 कर्मियों की होगी तैनाती

advt

हर माह मिलेंगे 2000

अलग-अलग जिलों में डीसी कार्यालय से इस संबंध में विज्ञापन जारी किया जा रहा है. अलग-अलग जिलों में इसके लिए चिन्हित बच्चों की पहचान कर उन्हें लाभ दिया जाना है. हालांकि यह स्कीम पूर्व से ही जारी है.

जिस बच्चे के मां या पिता नहीं हैं और जिनके अभिभावक की आय सालाना 72000 रुपये से कम है, उन्हें बालिग होने तक हर माह 2000 रुपये दिये जाते हैं.

अभी स्पांसरशिप योजना के तहत ऐसे बच्चों को लाभ दिया जाना है, जिन्होंने कोरोना संकट के चलते अपने माता या पिता या फिर दोनों को खोया है. 11 मार्च, 2020 से अब तक की अवधि को इसमें शामिल किया गया है. योजना के तहत केंद्र प्रायोजित इस स्कीम के तहत चयनित बच्चों को हर माह 2000 रुपये दिये जाने हैं.

अगर मां-पिता न हों तो बच्चे को फॉस्टर केयर के तहत हर माह 2000 रुपये दिये जाते हैं. बालिग होने तक यह पैसा उसके परिवार के सबसे नजदीकी सदस्य (चाचा, चाची, नाना, नानी, दादा या अन्य) के जरिये उपलब्ध करायी जाती है. बालिग होने तक मदद जारी रहती है.

इसे भी पढ़ें :UPSC ने जारी किया Exam Calendar, 5 जून 2022 को होगी सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा

कैसे मिलेगा पीएम केयर फॉर चिल्ड्रेन स्कीम का लाभ

ऐसे बच्चे जिनके माता या पिता या दोनों का कोरोना काल (11 मार्च, 2020 से अब तक) में निधन हुआ है उन्हें इस स्कीम के तहत आर्थिक लाभ मुहैया कराया जायेगा.

इसका लाभ लेने को माता-पिता दोनों का कोविड-19 से मृत्यु होने का डेथ सर्टिफिकेट चाहिए. इसके लिए लोगों से भी अपील की गयी है कि वे स्थानीय स्तर पर चाइल्ड लाइन, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, संरक्षण पदाधिकारी (संस्थागत देखरेख) या एक्शन एड से संपर्क करें. जरूरतमंद बच्चों की मदद करें.

प्रावधानों के अनुसार चिन्हित बच्चे को 23 साल की आयु प्राप्त होने तक अलग-अलग किस्तों में 10 लाख रुपये तक की मदद देना तय किया गया है.

इसे भी पढ़ें :JSSPS के खिलाड़ियों के लिये Good News, कोच, डॉक्टरों की होगी नियुक्तियां, योग्य कैंडिडेट करें अप्लाई

Nayika

advt

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: