
New Delhi: भारतीय सेना को जल्द ही हेलिकॉप्टर से लॉन्च की जाने वाली एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) मिलने की उम्मीद है. जैसलमेर के पोकरण फायरिंग रेंज में ध्रुवास्त्र हेलिना मिसाइल का सोमवार को सफल परीक्षण किया गया. इसकी रेंज फिलहाल 7 किलोमीटर है. 8 किलो विस्फोटक लगाकर इसे बेहतरीन मारक मिसाइल बनाया जा सकता है.
स्वदेशी एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच) से लॉन्च की गई हेलिना का ऊंचाई वाले क्षेत्रों में परीक्षण किया गया.परीक्षण के वक्त रक्षा अनुसंधान और विकास (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों के साथ भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना की संयुक्त टीम मौजूद रही. माना जा रहा है कि यह दुनिया के सबसे उन्नत एंटी टैंक हथियारों में से एक है. इसका वजन करीब 45 किलोग्राम है. ये 6 फीट एक इंच लंबी है. इसका व्यास 7.9 इंच है.
हेलिकॉप्टर से लॉन्च की जाने वाली नाग मिसाइल की रेंज बढ़ाकर इसे ‘ध्रुवास्त्र हेलिना ‘ का नाम दिया गया है. इसे एचएएल के रूद्र और लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टरों पर ट्विन-ट्यूब स्टब विंग-माउंटेड लॉन्चर से लॉन्च किया जाना है. इसकी संरचना नाग मिसाइल से अलग है. परीक्षण के वक्त उड़ान के दौरान दूसरा लक्ष्य दिया गया, जिसे मिसाइल ने नष्ट कर दिया. इस तरह मिसाइल ने उड़ान में रहते हुए अचानक बदले गए लक्ष्य को मारने की क्षमता का प्रदर्शन किया. यह हर मौसम में हमला करने में सक्षम है. यह रात में भी हमला कर सकता है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संयुक्त रूप से इस उपलब्धि के लिए डीआरडीओ और भारतीय सेना को बधाई दी.




