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LAC विवाद के बीच भारत का चीन को झटका, सरकारी खरीद में बोली लगाने का बदला नियम

New Delhi: एलएसी पर जारी सीमा विवाद के बीच भारत ने चीन को झटका दिया है. सरकार ने चीन समेत उन देशों से सार्वजनिक खरीद पर नियंत्रण लगा दिए हैं जिनकी सीमाएं भारत से लगती हैं. इन देशों का कोई फर्म सुरक्षा मंजूरी और एक विशेष समिति के पास पंजीकरण के बाद ही टेंडर भर सकेगी.

गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारत सरकार ने सामान्य वित्तीय नियम, 2017 को संशोधित किया है ताकि उन देशों के बोलीदातओं पर नियंत्रण लगाया जा सके जिनकी सीमा भारत से लगती हैं. देश की रक्षा और सुरक्षा से जुड़े मामलों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. एक्सपेंडिचर डिपार्टमेंट ने देश की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के इरादे से नियम के तहत सार्वजनिक खरीद पर विस्तृत आदेश जारी किया.

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सरकारी खरीद में बोली लगाने के बदले नियम

आदेश के तहत भारत की सीमा से लगे देशों का कोई भी आपूर्तिकर्ता भारत में सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए वस्तुओं , सेवाओं (परामर्श और गैर-परामर्श समेत)की आपूर्ति के अनुबंध या परियोजना कार्यों (टर्न-की परियोजना समेत) के लिये तभी बोली लगा सकेगा जब वह उचित प्राधिकरण के पास पंजीकृत होगा.

इसमें कहा गया है कि पंजीकरण के लिये उचित प्राधिकरण उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआइआइटी) द्वारा गठित पंजीकरण समिति होगी. इसके लिये विदेश और गृह मंत्रालय से राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी मजूरी अनिवार्य होगा.

आदेश के दायरे में में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों, स्वायत्त निकायों, केंद्रीय लोक उपक्रमों, सार्वजनिक-निजी भागीदारी वाली परियोजनाओं को भी लिया गया है जो सरकार या उसके अंतर्गत आने वाली इकाइयों से वित्तीय समर्थन लेती हैं.
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देश की सुरक्षा को देखते हुए बदलाव

इसमें कहा गया है कि देश की रक्षा और सुरक्षा में राज्य सरकारों की अहम भूमिका है. इसको देखते हुए भारत सरकार ने राज्य सरकारों और राज्य उपक्रमों आदि द्वारा खरीद के मामले में इस आदेश के क्रियान्वयन को लेकर संविधान के अनुच्छेद 257 (1) का उपयोग करते हुए राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है.

राज्य सरकारों की खरीद के मामले में उचित प्राधिकरण का गठन राज्य करेंगे लेकिन राजनीतिक और सुरक्षा मंजूरी अनिवार्य बनी रहेगी. कुछ मामलों में छूट दी गयी है. इसमें कोविड-19 वैश्विक महामारी की रोकथाम के लिये 31 दिसंबर तक चिकित्सा सामानों की आपूर्ति के लिये खरीद शामिल हैं.

सरकार ने अलग आदेश में उन देशों को पूर्व पंजीकरण से छूट दी है जिन्हें भारत सरकार की तरफ से ऋण सुविधा या विकास संबंधी सहायता उपलब्ध करायी गयी है.

आदेश के अनुसार, ‘नया प्रावधान सभी टेंडर्स पर लागू होगा. जिन निविदाओं को पहले ही आमंत्रित किया जा चुका है या वे पात्रता के मूल्यांकन का पहला चरण पूरा नहीं हुआ, जिन बोलीदाताओं का पंजीकरण नहीं है, उन्हें पात्र नहीं माना जाएगा.’ अगर यह चरण पूरा हो गया है, तो टेंडर रद्द किया जाएगा और नये सिरे से प्रक्रिया शुरू की जाएगी. यह प्रावधान निजी क्षेत्र द्वारा खरीद पर लागू नहीं होता है.

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