BusinessNational

इंडिया सीमेंट के एमडी ने कसा तंज, बिना बात के रोने वाला बच्चा बन गया है #AutoSector

 NewDelhi : इंडिया सीमेंट के एमडी एन श्रीनिवासन ने ऑटो सेक्टर में मंदी को लेकर तंज कसते हुए कहा कि देश के ऑटो सेक्टर की स्थिति उस बच्चे की तरह हो गयी है जो बिना किसी बात के रोता है. इस क्रम में श्रीनिवासन ने साफ कहा कि मंदी के बावजूद सरकार को ऑटो सेक्टर की मांग पर जीएसटी में कटौती नहीं करनी चाहिए. जान लें कि जीएसटी काउंसिल की 20 सितंबर को बैठक होने जा रही है.

इससे पहले बजाज ऑटो के एमडी राजीव बजाज ने भी इसी तरह की बात कही थी. राजीव बजाज का कहना था कि ऑटो सेक्टर में जो मौजूदा संकट की स्थिति पैदा हुई है इसके लिए वाहन निर्माता कंपनियों की खराब योजना जिम्मेदार है.

इसे भी पढ़ें –  बैंकों के विलय के खिलाफ चार #TradeUnions की देशव्यापी हड़ताल 26-27 सितंबर को

सीमेंट पर भी 28 फीसदी का टैक्स है

श्रीनिवासन के अनुसार जीएसटी शुल्क में कटौती से मांग में बढ़ोतरी नहीं होगी. कहा कि यह समस्या ढांचे से जुड़ी हुई है. सीमेंट बिजनेस का उदाहरण देते हुए कहा कि हम दक्षिण भारत में जैसे तैसे अपना बिजनेस चला रहे हैं. पिछले चार साल से लेकर अब तक हम हर 2 में 1 दिन ही अपना प्लांट चलाते हैं. सीमेंट पर भी 28 फीसदी का टैक्स है. हमने इसके साथ जीना सीख लिया है. कभी भी टैक्स में कटौती की मांग नहीं की.

इसे भी पढ़ें- SC/ST संशोधन एक्ट आदेश की समीक्षा वाली याचिका को SC की तीन जजों की बेंच को भेजा गया

ऑटो कंपनियों को सस्ते वाहन पेश करने चाहिए

श्रीनिवासन का मानना है कि ऑटो कंपनियों को रोने वाला बच्चा बनने और टैक्स में कटौती की मांग करने के बजाय सस्ते वाहन पेश करने चाहिए. इससे बाजार में ब्रिकी को लेकर माहौल बनेगा. श्रीनिवासन ने कहा कि मंदी के बावजूद ऑटो कंपनियों अपने वाहनों का स्टॉक बढ़ा रही हैं.

उन्होंने कहा कि इसके उलट कई दशक तक वृद्धि के बाद कुछ महीने ही बिक्री में कमी आने के बाद ऑटो सेक्टर जीएसटी में कटौती की मांग कर रहा है. श्रीनिवासन ने कहा कि हमारी फैक्ट्रियां अपनी क्षमता का सिर्फ 80 फीसदी ही उपयोग कर पा रही हैं. इससे पहले सरकार द्वारा कहा गया था कि वह ऑटो सेक्टर के संकट को दूर करने के लिए ऑटो कंपनियों के संपर्क में है.

इसे भी पढ़ें – झारखंड के डीसी IAS Code of Conduct के खिलाफ जाकर चला रहे हैं #jharkhandwithmodi कैंपेन

Related Articles

Back to top button