
Chaibasa: नेहरू युवा केंद्र चाईबासा की ओर से सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 121 वीं जयंती के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. रक्तदान शिविर की शुरुआत डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ हुई. शिविर में कुल 30 यूनिट रक्त संग्रह कियाा गया. रक्तदान शिविर का आयोजन भारत के 623 जिलों एवं 29 राज्य में नेहरू युवा केंद्र के द्वारा कराया गया. जा रहा है और साथ ही उनके जीवन पर भी प्रकाश डाला गया.गौरतलब हो कि 6 जुलाई 1901 को कलकत्ता के अत्यन्त प्रतिष्ठित परिवार में डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी का जन्म हुआ. उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे एवं शिक्षाविद् के रूप में विख्यात थे. डॉ मुखर्जी ने 1917 में मैट्रिक पास किया तथा 1921 में बीए की डिग्री प्राप्त की. 1923 में लॉ की पढाई करने के बाद वे विदेश चले गये और 1926 में इंग्लैण्ड से बैरिस्टर बनकर स्वदेश लौटे. अपने पिता का अनुसरण करते हुए उन्होंने भी अल्पायु में ही विद्याध्ययन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएं अर्जित कर ली थीं. 33 वर्ष की अल्पायु में वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बने. इस पद पर नियुक्ति पानेवाले वे सबसे कम आयु के कुलपति थे. एक विचारक तथा प्रखर शिक्षाविद् के रूप में उनकी उपलब्धि तथा ख्याति निरन्तर आगे बढ़ती गयी.




