
Ranchi : देश भर में 2015-16 से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत केंद्र सरकार के स्तर से की गयी. इसका मुख्य उद्देश्य देश में बालिकाओं की संख्या में बढ़ोत्तरी और उन्हें शिक्षित बनाये जाने पर रहा है. पर इस अभियान का अपेक्षित असर झारखंड में मिलता नहीं दिख रहा. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) की रिपोर्ट तो यही गवाही देती है. लोकसभा सत्र में चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह समेत अन्य सांसदों ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान और इसके कारण झारखंड सहित अन्य राज्यों में लिंगानुपात सुधारे जाने पर सरकार से जानकारी मांगी थी.
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इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय (केंद्र सरकार) ने एनएफएचएस-4 और एनएफएचएस-5 के आंकड़ों के आधार पर जानकारी दी है. बताया है कि 2015-16 में झारखंड में प्रति 1000 पुरुषों पर 919 लड़कियां थीं (पिछले पांच वर्षों में पैदा हुए बच्चों के जन्म के समय लिंगानुपात, NFHS-4). NFHS-5 (2019-21) में यह आंकड़ा 899 हो गया है. यानि बेटी बचाओ अभियान के बावजूद झारखंड में Sex Ratio (लड़के-लड़कियों का) घटा है.
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किन राज्यों में आया फर्क
बेटी बचाओ अभियान शुरु होने के बाद से ओवरऑल देशभर में लिंगानुपात (Sex Ratio) सुधरा है. अभी देश में यह अनुपात 1000 पुरुषों पर 929 का हो गया है (NFHS-5, 2019-21 के मुताबिक). इससे पूर्व NFHS-4 (2015-16) में यह 919 ही था. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (NFHS-4 में 849, NFHS-5 में 914), आंध्र प्रदेश (NFHS-4 में 914, NFHS-5 में 934), अरुणाचल प्रदेश (NFHS-4 में 926, NFHS-5 में 979), असम (NFHS-4 में 929, NFHS-5 में 964), गुजरात (NFHS-4 में 906, NFHS-5 में 955), हरियाणा (NFHS-4 में 836, NFHS-5 में 893), जम्मू कश्मीर (NFHS-4 में 923, NFHS-5 में 976), कर्नाटक (एनएफएचएस-4 में 910,
एनएफएचएस-5 में 978), लद्दाख (NFHS-4 में 823, NFHS-5 में 1125), उत्तराखंड (एनएफएचएस-4 में 888, एनएफएचएस-5 में 984), यूपी (एनएफएचएस-4 में 903, एनएफएचएस-5 में 941) जैसे राज्य ऐसे हैं जहां सुधार दिखा है. इसके अलावा तेलंगाना, सिक्किम, राजस्थान, पंजाब, पुडूचेरी, दिल्ली, मिजोरम, मणिपुर, मध्य प्रदेश, लक्षद्वीप जैसे राज्य भी इस लिस्ट में हैं. इसके विपरीत बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, गोवा जैसे राज्यों में लिंगानुपात पूर्व की तुलना में घटा ही है.
क्या कहती है झारखंड सरकार
झारखंड सरकार (स्वास्थ्य विभाग) के आंकड़ों की मानें तो राज्य में चाइल्ड सेक्श रेशियो (Sex Ratio) 948 है. चौबीस जिलों में पश्चिमी सिंहभूम जिले में यह आंकड़ा 983 है. इसके अलावा टॉप के पांच जिलों में पाकुड़ (975), लोहरदगा (970), सिमडेगा (969) और लातेहार (968) हैं. फिसड्डी जिलों में धनबाद (916), बोकारो (923) और पूर्वी सिंहभूम, रामगढ़ (923) जैसे जिले शामिल हैं. राजधानी रांची में यह आंकड़ा 933 का है.
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