
Samastipur: शराबबंदी वाला राज्य बिहार के समस्तीपुर में पिछले चार दिनों में शराब पीने से 30 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, प्रशासन यह मानने को अभी तक तैयार नहीं है कि शराब पीने से लोगों की मौत हुई है. प्रशासन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहा है. मृतकों में आर्मी के जवान व बीएसएफ का सब इंस्पेक्टर भी शामिल है. मृत जवान का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कर दिया गया है.
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गोपालगंज और बेतिया में जहरीली शराब कांड पहले ही दे चुकी है दस्तक
इससे पहले गोपालगंज 18 और बेतिया में आठ लोगों की शराब के कारण लोगों की मौत हो चुकी है. अभी भी कई लोग उपचाराधीन है. पुलिस प्रशासन की ओर से गोपालगंज में 11 एफआईआर दर्ज किए गए हैं और 19 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. इनमें चार शराब कारोबारी भी शामिल हैं. मामले की पड़ताल में लगातार पुलिस और प्रशासन जुटी है. कहीं से भी सूचना मिलने पर पुलिस इन दो जिलों में पूरा एक्शन ले रही है.
इन घटनाओं से शराबबंदी कानून की प्रासांगिकता पर सवाल उठने लगा है. विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में जुटी है. हर ओर यह सवाल उठ रहा है कि यदि राज्य में शराबबंदी लागू है तो शराब कहां से मुहैया हो रही है. जाहिर है तस्करी के माध्यम से पड़ोसी राज्यों से शराब बिहार के विभिन्न जिलों तक पहुंच रही है.




