
Gwalior : सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या विवाद के समाधान के लिए मध्यसस्थता समिति बनाये जाने के बीच ग्वालियर में शुरू आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक में जल्द से जल्द राम मंदिर बनाये जाने की चर्चा पर जोर दिया गया. संघ के सदस्यों ने राम मंदिर निर्माण में आ रही बाधाएं दूर किये जाने की पहल पर बात-चीत की. बता दें कि राम मंदिर निर्माण पर अपनी बात रखते हुए आरएसएस ने कहा कि राम-जन्मभूमि मामले में, लंबे खींचे गये विवाद को समाप्त करने के लिए न्यायिक प्रक्रिया तेज करने के बजाय सुप्रीम कोर्ट ने एक अजीबो-गरीब रुख अपनाया है. हिंदू समाज की गहरी आस्था से जुड़े इस संवेदनशील विषय को सुप्रीम कोर्ट कोई प्राथमिकता नहीं दे रहा है. संघ के वक्ताओं के अनुसार वे अनुभव कर रहे हैं कि हिंदुओं की लगातार उपेक्षा हो रही है.
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राम मंदिर निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करना चाहिए
न्यायिक प्रणाली का पूरा सम्मान करते हुए, हम सशक्त रूप से यह कहना चाहेंगे कि विवाद पर निर्णय शीघ्र होना चाहिए और राम मंदिर निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करना चाहिए. इस क्रम में सबरीमाला मुद्दे पर चर्चा करते हुए संघ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित संस्थाओं और रीति-रिवाजों को अनदेखा करते हुए पीठ की अकेली महिला सदस्य की राय लिये बिना निर्णय दिया. संघ के अनुसार किसी भी निर्धारित समय सीमा में निर्णय लागू करना राज्य सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं था, लेकिन निर्णय की बारीकियों को समझे बिना, राज्य सरकार ने गैर-हिंदू और गैर-भक्त महिलाओं के जबरन प्रवेश की सुविधा देकर हिंदू समाज के प्रति अनुचित जल्दबाजी और राजनीतिक दुर्भावना दिखाई.
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