
Khunti : कर्रा में बख्तर साय व मुंडल सिंह को 4 अप्रैल 1812 ई में कोलकाता के फोर्ट विलियम में अंग्रेजों के द्वारा फांसी दी गयी थी. आज इनकी शहादत को याद किया गया.
इस मौके पर उनके दूर के परिजनों ने कहा कि दोनों को आज तक शहीद का दर्जा नहीं मिला है. जो सरकार की नीति और सिद्धांतों की अनदेखी है.
ये बात रविवार को कुदा गांव के बैठक में रौतिया समाज के समाज सेवी राम शंकर सिंह ने कही. उन्होंने ने दोनों को शहीद को दर्जा देने के लिए केन्द्र सरकार व राज्य सरकार से मांग की. साथ ही शहीद परिवार के लोगों को अपेक्षित लाभ देने की बात कही. मौके पर दोनों शहीदो के चित्र पर माल्यार्यपर्ण किया गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता महावीर सिंह व धन्यवाद ज्ञापन बिरेंद्र सिंह के द्वारा किया गया. कहा कि जल्द ही झारखंड, छत्तीसगढ़, उडीसा, आसाम, बंगाल और अंडमान निकोबार के रौतिया समाज के सहयोग से संघ का गठन किया जाएगा.
मौके पर महावीर सिंह, हरेन्द्र सिंह, परमेश्वर सिंह, जयंती देवी, दमयंती देवी, सीता देवी, रूपा कुमारी, संगम सिंह, रामप्रसाद सिंह, दशरथ सिंह, नारायण सिंह के अलावे अन्य लोग उपस्थित थे.




