
Manoj Kumar Pintu
Giridih: अवैध शराब के धंधेबाजों के खिलाफ उत्पाद विभाग और गिरिडीह पुलिस को सात महीने में कई बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. दोनों के संयुक्त ऑपरेशन के सात महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो ढाई करोड़ से अधिक की विदेशी शराब को जब्त किया जा चुका है.
इसे बिहार भेजे जाने की तैयरी थी. लखीसराय, बिहार शरीफ और समस्तीपुर के अलावे नवादा और जमुई समेत कई जिलों में तस्करी की शराब भेजी जानी थी. फिलहाल धंधेबाजों का नेटवर्क गिरिडीह से बिहार तक फैल चुका है.
अवैध शराब का भंडारण और बिहार तक इसे पहुंचाने का रास्ता भी धंधेबाजों ने ईसरी-डुमरी के नेशनल हाईवे को चूना. जहां से गिरिडीह के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अवैध शराब डंप करने के साथ उसे तय वक्त पर इन्हीं रूटों से बिहार के जिलों में खपाया जाता है.
आबकारी विभाग के सूत्रों की मानें तो गिरिडीह और बिहार के अवैध शराब के कारोबारियों का एक नेटवर्क तैयार हुआ है.
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किन लोगों की है भागीदारी
इसमें गिरिडीह के पालगंज निवासी डब्लू मंडल के अलावे हजारीबाग के बरकट्टा निवासी रंजीत मंडल और बिहार के बिहार शरीफ निवासी बाबर खान, धनवार के बदडीहा गांव निवासी सूनील साव और लखीसराय का टुनटुन सिंह उर्फ टुन्ना सिंह के नाम सबसे आगे हैं.
फिलहाल, इन पांचों के खिलाफ अलग-अलग थाना में केस दर्ज कर लिया गया है. लेकिन चारों को दबोचने में पुलिस अब भी नाकाम है. वैसे तो धंधेबाजों को संरक्षण देने में पुलिस की भूमिका भी मानी जा रही है.
क्योंकि दो सप्ताह पहले मुफ्फसिल थाना पुलिस ने सिहोडीह मोड़ में अवैध शराब से लदे एक सवारी वाहन को जब्त किया. जिसे छिपाने का प्रयास भी मुफ्फसिल थाना पुलिस द्वारा किया गया.
यही नहीं शराब से लदे वैन में शराब का मालिक शैलेन्द्र पांडेय और चालक भी मौजूद था. जिसमें शराब के मालिक पांडेय को तो मुक्त कर दिया गया. लेकिन चालक को जेल भेज दिया गया.
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गिरिडीह के लोगों के भी नाम आये सामने
इधर कुछ और धंधेबाजों में गिरिडीह के शराब कारोबारियों के सिडिंकेट के सदस्यों का नाम सामने आ रहा है. जिसमें सिहोडीह के रामबाबू के साथ कई और नाम शामिल हैं. गौर करने वाली बात यह है कि रामबाबू वही नाम हैं, जिसके सिहोडीह स्थित गोदाम में तीन महीने पहले उत्पाद अधीक्षक अवधेश सिंह और सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने छापेमारी कर करीब 250 शराब की पेटियों को जब्त किया था.
करीब सात महीनें में ढाई करोड़ की शराब को जब्त किया गया है. इसमें अरुणाचल प्रदेश ब्रांड की शराब भी शामिल है. दिलचस्प बात भी यह है कि जितने ब्रांड के शराबों को जब्त किया गया है, उसमें कई ऐसे नाम हैं जिसकी जानकारी खुद उत्पाद विभाग को भी नहीं है.
इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब धनवार थाना क्षेत्र के बदडीहा गांव में उसी गांव के सूनील साहु की पॉल्ट्री फार्म में छापेमारी हुई. पुलिस और उत्पाद विभाग ने 40 लाख रुपये मूल्य की 592 पेटी शराब को जब्त किया.
इसमें लोकल के साथ अधिकांश पेटियां अरुणाचल प्रदेश में तैयार होने वाले क्रेजी रोमियो ब्रांड की शराब थी.
इसी तरह डुमरी थाना क्षेत्र के भंडारो नईटांड में छापेमारी की गयी. यहां जहां एक खाली प्लॉट से शराब जब्त की गयी. एसडीपीओ जीतवाहन उरांव और उत्पाद अधीक्षक ने 96 लाख रुपये मूल्य की 232 पेटियों को जब्त किया.
वहीं दो सप्ताह पहले ही ताराटांड के बदगुंदा गांव स्थित पॉल्ट्री फार्म में छापेमारी कर एसडीपीओ उरांव ने करीब 50 पेटीयों को जब्त किया.
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