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भविष्य में बच्चे मरे, तो CWC कार्यालय के समक्ष दफनाया जायेगा : झाविमो

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Ranchi : मिशनरीज ऑफ चैरिटी के निर्मल शिशु से खूंटी स्थित सहयोग विलेज में रखे गये तीन बच्चों की मौत मामले पर झाविमो ने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है. पार्टी के महासचिव बंधु तिर्की ने कहा कि जब चैरिटी में रखे सभी बच्चों का पालन-पोषण सही तरीके से हो रहा था, तो बिना जांच-पड़ताल के सीडब्ल्यूसी ने आखिर क्यों इन बच्चों को खूंटी भेजा. उन्होंने कहा कि दरअसल पूरा मामला निर्मल शिशु संस्थान को बदनाम करने का है. पार्टी की तरफ से कहा गया है कि अगर भविष्य में ऐसे किसी बच्चे की मौत होती है, तो वैसे बच्चों के शव को सीडब्ल्यूसी कार्यालय के समीप ही दफनाया जायेगा.

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बैजनाथ कुमार की संलिप्तता की बात की झाविमो ने

डिबडीह स्थित पार्टी मुख्यालय में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पार्टी महासचिव बंधु तिर्की ने कहा कि छह जुलाई को सीडब्ल्यूसी ने 22 बच्चों को उठाकर अपनी कस्टडी में ले लिया. इन्हीं 22 बच्चों में 12 को खूंटी के सहयोग विलेज में रखा गया. सहयोग विलेज में रखे इन्हीं बच्चों में से 14 अगस्त को पालो टूटी (पिता पारन टूटी) और चंचल नामक बच्ची की मौत हो गयी. 21 अगस्त को रेस नामक एक बच्ची की रिम्स में मौत हो गयी. इसी तरह 14 अगस्त को बुधु कंडील नामक बच्चे को जबरन मगरा नाथ व्यक्ति को दे दिया गया, जबकि उसका असली बच्चा सागर कांडील अभी कहां है, इसकी जानकारी सीडब्ल्यूसी ने अभी तक नहीं दी है. बंधु तिर्की ने इस पूरे मामले पर सीडब्ल्यूसी खूंटी के संचालक बैजनाथ कुमार की संलिप्तता की बात भी प्रेस वार्ता में कही.

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सदस्यता से हटा प्राथमिकी दर्ज हो

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पार्टी महासचिव ने कहा कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी एक जनकल्याणकारी संस्थान है. लेकिन, इस संस्थान की छवि बिगाड़ने के लिए ही खूंटी के सहयोग विलेज के बैजनाथ कुमार ने एक साजिश रची थी. मामले पर उसकी सबसे बड़ी संलिप्तता सामने आ चुकी है. वहीं, बाल कल्याण पदाधिकारी कंचन सिंह, सीडब्ल्यूसी रांची की रूपा वर्मा ने भी बैजनाथ कुमार को सहयोग पहुंचाया है. झाविमो सरकार से यह मांग करती है कि बैजनाथ को तत्काल ही सीडब्ल्यूसी की सदस्यता से हटाने के साथ ही उपरोक्त तीनों पर प्राथमिक दर्ज की जाये.

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10-10 लाख की सहायता राशि दे सरकार

सीडब्ल्यूसी को चेतावनी देते हुए पार्टी महासचिव बंधु तिर्की ने कहा कि भविष्य में इन बच्चों में से किसी भी अन्य बच्चों की मौत होती है, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी. पार्टी ने निर्णय लिया है कि अगर उन बच्चों में से किसी की मौत हो जाती है, तो उसके शव को सीबीडब्ल्यूसी के कार्यालय के समीप ही दफनाया जायेगा. साथ ही जो बच्चे मर गये हैं, उनके परजिनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग भी पार्टी ने की है.

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