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खराब सड़क बनी तो अधिकारी व संवेदक पर कड़ी कार्रवाई : केंद्रीय संयुक्त सचिव

केंद्रीय संयुक्त सचिव ने झारखंड में चल रही पीएमजीएसवाई और एल डब्ल्यू ई की योजनाओं की समीक्षा की

Ranchi:  केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ आशीष कुमार गोयल  ने आज प्रोजेक्ट भवन में पीएमजीएसवाई और आरसीपीएलडब्लूईए योजनाओं की समीक्षा की.

संयुक्त सचिव आशीष कुमार गोयल ने झारखंड के अधिकारियों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज वन एवं दो के लंबित कार्य को मार्च 2022 तक हर हाल में पूर्ण करने का निर्देश दिया. वहीं एल डब्ल्यू ई के लंबित कार्यो को भी मार्च 2023 तक पूरा करने के निर्देश दिया. संयुक्त सचिव ने फेज 3 के लिए तैयार प्रस्ताव को सुधार कर जल्द से जल्द भेजने को कहा ताकि 1027 किलोमीटर ग्रामीण सड़क की स्वीकृति दी जा सके.

केंद्रीय संयुक्त सचिव ने बैठक में अधिकारियों को कहा कि शेष 3000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का प्रस्ताव भी जल्द भेजा जाये ताकि इसकी भी स्वीकृति दी जा सके. केंद्रीय संयुक्त सचिव ने राशि का खर्च ई मार्ग के माध्यम से करने को कहा. केंद्रीय संयुक्त सचिव ने प्लस कंसलटेंट के साथ एक कार्यशाला करने को कहा ताकि योजनाओं का डीपीआर अच्छी तरह से बन सके. डीपीआर की जांच अधीक्षण अभियंता के दल के द्वारा ही कराने को कहा गया.

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इस जांच के बाद मुख्यालय स्तर पर भी पीपीटी के माध्यम से इसकी जांच करने को कहा. केंद्रीय सचिव ने साफ कहा कि डीपीआर बनाते समय लागत का भी ध्यान रखा जाए. सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है. खराब सड़क बनी तो संविदा का पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. केंद्रीय सचिव ने कहा कि किसी भी प्रकार की कोई समस्या होती है तो उनके पदाधिकारी अविलंब संपर्क करें. हर संभव सहायता दी जाएगी.

इस बैठक में ग्रामीण कार्य सचिव डॉक्टर मनीष रंजन, सचिव, विशेष सचिव ग्रामीण विकास विभाग रवि रंजन, अपर सचिव ग्रामीण कार्य विभाग राम कुमार सिन्हा, जेएसआरडीए के मुख्य अभियंता एवम अन्य पदाधिकारी मौजूद थे. बैठक के पूर्व केंद्रीय संयुक्त सचिव ने मुख्य सचिव सुखदेव सिंह से औपचारिक भेंट की.

1000 किलोमीटर रोड की जल्द स्वीकृति दें: मनीष रंजन

डॉक्टर मनीष रंजन सचिव द्वारा इस राज्य को अधिक से अधिक राशि उपलब्ध कराने एवं लेफ्ट विंग एक्सट्रिमिस्ट के अंतर्गत अतिरिक्त 1000 किलोमीटर सड़क की स्वीकृति देने अनुरोध किया गया. साथ ही यह विश्वास दिलाया गया सभी लंबित कार्यों को त्वरित गति से पूर्ण किया जाएगा. यह भी विश्वास दिलाया गया की वन भूमि से संबंधित समस्याओं का निराकरण इस माह में वन विभाग के सहयोग से कर लिया जाएगा.

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