
Ranchi: केंद्रीय मोटरयान अधिनियम के तहत 21वें संशोधन के अनुसार रजिस्ट्रीकृत स्वचालित परीक्षण स्टेशनों की मान्यता विनियम और नियंत्रण स्वचालित उपकरणों के माध्यम से वाहनों के फिटनेस परीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित की गयी है. इसी आलोक में परिवहन विभाग झारखंड ने वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र को लेकर नये नियम तय किए है. इसके तहत परिवहन वाहनों के संबंध में फिटनेस प्रमाण पत्र के नवीकरण में संशोधन किया गया है. आठ वर्षों तक पुराने वाहनों के लिए 2 वर्ष और आठ वर्षों से अधिक पुराने वाहनों के लिए एक वर्ष रखा गया है.
परंतु इसमें यह शर्त है कि भारी माल वाहक, भारी यात्री वाहन और हल्के मोटर वाहन प्रवर्ग के वाहन की फिटनेस एक अक्टूबर 2024 से नियम 175 के अधीन निबंधित स्वचालित परीक्षण स्टेशन के माध्यम से ही अनिवार्य रूप से की जायेगी. वहीं जहां रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण की अधिकारिता में नियम के तहत रजिस्ट्रीकृत स्वचालित परीक्षण स्टेशन परिचालित है वहां वाहन की फिटनेस केंद्रीय मोटर यान पांचवा संशोधन नरियम 2025 के प्रारंभ से प्रभावी होने पर केवल ऐसे स्ववचालित परीक्षण स्टेशन के माध्यम से की जायेगी. इस संबंध में अधिसूचना जारी की गयी है. बाकी प्रावधान पूर्ववत रखे गये हैं.




