
Ranchi: तारा जमुआ, गिरीडीह के ग्रामीणों ने श्री झारखण्ड नाथ प्लस 2 उच्च विद्यालय के हेडमास्टर और क्लर्क के आचरण को लेकर जिले के डीसी से शिकायत की है. इन दोनों के घूसखोर होने और अनुचित आचरण अपनाये जाने की भी शिकायत की है. तारा जमुआ के देवनारायण राय सहित अन्य ने डीसी को शिकायत करते पत्र भी लिखा है. देवनारायण ने बताया कि पिछ्ले कुछ दिनों से श्री झारखंड नाथ प्लस 2 उच्च विद्यालय तारा में विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र के बदले विद्यालय के बच्चों से अवैध वसूली प्रधानाचार्य प्रकाश वर्मा एवं क्लर्क असलम आजाद के द्वारा की जा रही थी. इसकी लिखित सूचना डीसी कार्यालय में 14 जुलाई को की गई थी. इस संबंध में बच्चों एवं कई अभिभावकों के द्वारा भी लिखित शिकायत की जा चुकी है. इसमें बच्चों से अवैध पैसे की वसूली की जानकारी दी गयी है.
इसके अलावा विद्यालय के स्थानीय बच्चों का भी नामांकन विद्यालय के प्रधानाचार्य के द्वारा नहीं लिया जा रहा था जिसके कारण बच्चों को गांव में विद्यालय होने के बावजूद दूर के विद्यालय में नामांकन लेना पड़ रहा था. इसके कारण भी अभिभावकों ने बाध्य होकर प्रकाश वर्मा के खिलाफ शिकायती पत्र दिया था. पिछले दिनों स्कूल का छात्र शिवम् कुमार विद्यालय की गलती के कारण ही मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो गया था. इसके कारण उसका एक वर्ष खराब हो गया. इसके अलावा डीसी का ध्यान आकृष्ट करते देवनारायण ने कहा है कि प्रधानाचार्य प्रकाश वर्मा की मनमानी इस कदर है कि विद्यालय के शिक्षक शमशाद हसन जो ऑटोमोटिव के शिक्षक हैं, बिना विद्यालय में उपस्थित हुए ही घर से उपस्थिति दर्ज करा लेते हैं.उनका वेतन भुगतान बिना किसी समस्या के हो जाता है. यह सब विद्यालय के प्रधानाचार्य के मिलीभगत से असंभव प्रतीत होता है. इस सिलसिले में प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा विद्यालय का भ्रमण किया गया. ग्रामीणों से बातचीत भी की गई जिसमें सभी मामले की पुष्टि की गई एवं अखबारों में भी इस बात को प्रकाशित किया गया था. इन सब के बावजूद अबतक विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रकाश वर्मा पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है. इससे हम सभी ग्रामीण क्षुब्ध होकर 27 जुलाई को जुटे. सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति में एक आमसभा की गयी. अब प्रकाश वर्मा के खिलाफ विद्यालय के समक्ष आंदोलन करने को हम सब बाध्य हैं. देवनारायण सहित ग्रामीणों ने डीसी से अनुरोध करते कहा है कि इस मामले में स्वत: संज्ञान लें. छात्रों के साथ न्याय करें ताकि गांव के बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो.




