
Ranchi : पेयजल और स्वच्छता विभाग में केंद्रीय निरूपण संगठन (सीडीओ) के मुख्य अभियंता के पद पर क्षेत्रीय मुख्य अभियंता को अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा रहा है. विभाग की तरफ से क्षेत्रीय मुख्य अभियंता रांची के पद पर पदस्थापित हीरा लाल प्रसाद को सीडीओ के मुख्य अभियंता की भी अलग से जवाबदेही सौंपी गयी है. विभागीय मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने प्रसाद को अतिरिक्त प्रभार दिये जाने पर अपनी सहमति प्रदान कर दी है. सीडीओ के मुख्य अभियंता का पद 31 जनवरी 2019 से खाली है.
इसकी वजह से संवेदकों का निबंधन, जलापूर्ति योजनाओं के डिजाइन और डीपीआर का एप्रूवल नहीं हो पा रहा है. सिर्फ निबंधन का ही 110 से अधिक आवेदन पड़ा हुआ है. इतना ही नहीं 150 करोड़ से अधिक की योजनाओं का डीपीआर भी बगैर मुख्य अभियंता के हस्ताक्षर के ऐसे ही पड़ा हुआ है. पहले तत्कालीन अभियंता प्रमुख मो तनवीर अख्तर को सीडीओ के मुख्य अभियंता का अलग प्रभार मिला हुआ था.
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विभाग नहीं कर रहा है डीपीसी
विभाग में मुख्य अभियंता के तीन पद खाली हैं. श्वेताभ कुमार को अभियंता प्रमुख बनाये जाने के बाद से मुख्य अभियंता पीएमयू का पद खाली हो गया है. फिलहाल अभियंता प्रमुख ही पीएमयू के मुख्य अभियंता का कामकाज देख रहे हैं. उधर सीडीओ और मुख्य अभियंता मुख्यालय का पद भी काफी दिनों से रिक्त है.
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मंत्री ने कहा, डीपीसी कर पद भरें
इधर विभागीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि मुख्य अभियंता और अन्य पदों के लिए विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कर पदों पर प्रोन्नति दी जाये. डीपीसी की बैठक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में होती है, जिसमें विभागीय सचिव, विभाग में स्थापना देखनेवाले संयुक्त सचिव और अन्य सदस्य होते हैं. विभागीय मंत्री का कहना है कि किसी भी पद पर प्रभारी व्यवस्था को समाप्त कर नियमित प्रोन्नति दी जाये.
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