
Ranchi: राज्य की तत्कालीन रघुवर सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2016 में राज्य स्थापना दिवस पर टी शर्ट और टॉफी बांटने से संबंधित पंकज कुमार की जनहित याचिका की सुनवाई झारखंड हाइकोर्ट में हुई. मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार से एंटी करप्शन ब्यूरो में दर्ज पीई (प्रारंभिक जांच) की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. वही कोर्ट ने झारखंड के प्रधान महालेखाकार से इसकी ऑडिट की रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने एसीबी की पीई की रिपोर्ट एवं प्रधान महालेखाकार, झारखंड की इस संबंध में ऑडिट रिपोर्ट को कोर्ट की रिकॉर्ड में लाने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी.
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि इस मामले में फाइनेंशियल लॉस नहीं हुआ है. इससे पूर्व प्रार्थी के अधिवक्ता राजीव कुमार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने फरवरी 2022 में पीई दर्ज की थी, सरकार कहती है कि पीई जांच पूरा कर लिया गया है. ऐसे में इसे कोर्ट के समक्ष लाया जाना चाहिए.
क्या है मामला
वर्ष 2016 में स्थापना दिवस समारोह के पहले 13- 14 नवंबर 2016 को सरकारी स्कूली बच्चों को बांटने के लिए साढ़े तीन करोड़ की टी शर्ट और 33 लाख रुपये की टॉफी खरीदी की गयी. उसके अगले दिन ही 15 नवंबर को राज्य भर के 10 हजार स्कूलों में बच्चों के बीच इसका वितरण कर दिया गया. प्रार्थी ने याचिका दाखिल कर इस पर सवाल उठाया है. प्रार्थी का कहना है कि वर्ष 2016 में स्थापना दिवस समारोह के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ था, जिसमें से साढ़े तीन करोड़ की टी शर्ट और 33 लाख रुपये से टॉफी खरीदी गयी थी. लल्ला इंटरप्राइजेज जमशेदपुर और कुदू फैबरिक्स को आपूर्ति का काम मिला था. टी शर्ट और टॉफी की आपूर्ति उन्होंने 13-14 नवंबर 2016 को की. इसके अगले दिन ही इसे राज्य भर के 10 हजार स्कूलों के बच्चों में बांट देना सत्यता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता. इसकी जांच करायी जानी चाहिए.
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