
Ranchi : झारखंड के अधिवक्ता लंबे समय से फिजिकल कोर्ट शुरू करने की मांग कर रहे हैं. पर फिजिकल कोर्ट शुरू होगा या नहीं इस पर हाइकोर्ट के जजों की कोर कमेटी विमर्श करेगी.
इस मामले पर झारखंड स्टेट बार काउंसिल की पिछली चिठ्ठी को हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कोर कमेटी के समक्ष रखा है. 5 जनवरी को कोर कमेटी की बैठक में इस पर विचार किया जायेगा.
इसके बाद 8 जनवरी को कोर कमेटी के साथ झारखंड स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष व सदस्यों की मुलाकात में कोर कमेटी फिजिकल कोर्ट पर अपना मंतव्य रखेगी. अधिवक्ताओं को उम्मीद है कि फिजिकल कोर्ट जल्दी ही शुरू हो जायेगा.
दूसरी ओर कुछ अधिवक्ताओं ने कहा है कि यदि 8 जनवरी के बाद भी फिजिकल कोर्ट शुरू नहीं होता है तो वे इसके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.
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क्रिसमस और नये साल की छुट्टियों के बाद खुला सिविल कोर्ट, कम रही अधिवक्ताओं की उपस्थिति
रांची सिविल कोर्ट 24 दिसंबर से क्रिसमस और नये साल को लेकर बंद था. 9 दिनों के बाद नये साल पर शनिवार (2 जनवरी) को सिविल कोर्ट खुला. पहला दिन होने की वजह से कोर्ट में उपस्थिति बहुत कम थी.
अब भी कोर्ट वर्चुअल ही चल रहे हैं और ज्यादातर अधिवक्ताओं के पास कोई काम नहीं है. कोर्ट परिसर से सटे बार भवन में भी सन्नाटा था. अधिवक्ताओं के टेबल खाली थे. पहले तल्ले पर गिनती के अधिवक्ता उपस्थित थे. थोड़ी देर बाद वे भी हट गये. दूसरे और तीसरे तल्ले पर भी यही दृश्य था.
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फिजिकल कोर्ट की मांग को लेकर प्रदर्शन कर सकते हैं अधिवक्ता
अधिवक्ता सुनील कुमार प्रधान ने बताया कि पिछले डेढ़-दो महीने से अधिवक्ता फिजिकल कोर्ट की मांग कर रहे हैं क्योंकि वर्चुअल कोर्ट की वजह से 80 प्रतिशत अधिवक्ता महीनों से बेकार बैठे हैं.
29 नवंबर को झारखंड राज्य बार काउंसिल की बैठक में तय हुआ था कि चीफ जस्टिस से 4 जनवरी तक समय लेकर उनसे फिजिकल कोर्ट शुरू करने की अपील की जायेगी. पर अगर कोई सकारात्मक बात नहीं होती है तो फिर 6 जनवरी को सिविल कोर्ट के मुख्य गेट के समक्ष प्रदर्शन किया जायेगा.
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