
New Delhi: भारत में कोरोना की बेकाबू हुई स्थिति के बीच दुनिया भर में फैले मित्र राष्ट्रों ने मदद के लिये हाथ बढ़ाने के साथ ही आवश्यक सामानों की आपूर्ति शुरू कर दी है. करीब दो दर्जन देशों से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, रेमडेसिविर के साथ ही अन्य चिकित्सकीय उपकरण भेजे जा रहे हैं.
मदद करने वालों देसों रूस, अमेरिका, इंग्लैंड, सऊदी अरब, फ्रांस आदि शामिल हैं. सरकार ने देश के विभिन्न हिस्सों में संस्थाओं को चिकित्सा आपूर्ति के तत्काल वितरण की प्रक्रिया के समन्वय के लिए एक उच्च स्तरीय अंतरमंत्रालयी समूह का गठन किया है. ऑक्सीजन व ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, अमेरिका ने भारत को 10 करोड़ डॉलर से अधिक की मेडिकल सामग्री की आपूर्ति की बात कही है.
ब्रिटेन से आज आई दूसरी खेप में 120 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पहुंचा है. अमेरिका से 1700 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 1100 सिलेंडर और बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन जेनरेशन यूनिट्स भेजा जा रहा है. सऊदी अरब से 250 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व 4 क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर, 80 मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन पहुंचा है.
रूस से 20 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 75 वेंटिलेटर, 150 बेडसाइड मॉनिटर और दवाइयां पहुंची है. मालूम हो कि एक दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बात की थी. रूस ने इस लड़ाई में भारत की मदद का भरोसा दिया है.
इतना ही नहीं हांग कांग से 800 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, थाइलैंड से 4 क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंक, फ्रांस लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन 5 कंटेनर भेज रहा है. आयरलैंड से 700 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, रोमानिया 80 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व 75 ऑक्सीजन सिलेंडर,जर्मनी तीन महीने के लिए मोबाइल ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट भेज रहा है. पुर्तगाल से 20,000 लीटर ऑक्सीजन भी पहुंचा है.
इधर, अमेरिका से 15 करोड़ एन-95 मास्क व फ्रांस से भारत को 28 वेंटिलेटर भी भेजा जा रहा है. आयरलैंड से 365 वेंटिलेटर, स्वीडन 120 वेंटिलेटर, लग्जमबर्ग 58 वेंटिलेटर, जर्मनी 120 वेंटिलेटर और आठ करोड़ एन 95 मास्क भेजा जा रहा है. इसके इन देशों समेत अन्य देशों से अलग-अलग सामग्री आ रही है.




