
Dumka: बीजेपी सरकार के पूर्व मंत्री सरयू राय, हेमंत सोरेन का समर्थन करने के लिए संथाल दौरे पर हैं. वहां उन्होंने मीडिया से बात की. उन्होंने कई तरह के आरोप मौजूदा रघुवर सरकार पर लगाये. साथ ही बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को इन सारी गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार ठहराया.
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव का अंतिम चरण अभी होना बाकी है. कल (सोमवार) जो चौथा चरण का चुनाव हुआ उसके नतीजों की सूचना मिल रही है. उससे मेरी धारणा जो पहले से ही थी अब पक्की हो गई है. बीजेपी को चुनाव में 15 पार करना मुश्किल हो जाएगा.
15 प्लस से अधिक की कोई गुंजाइश अब नहीं है. कल 15 सीटों पर चुनाव हुआ, जिसमें 12 सीटों पर बीजेपी है. लेकिन अब या घटकर चार से पांच हो जाएंगी.
इससे स्पष्ट है कि राज्य की जनता ने इस बार परिवर्तन का मन बना लिया है और बदलाव की बयार बह रही है. अगली सरकार बनेगी वह सरकार हेमंत सोरेन के नेतृत्व में बनेगी. इसका पूर्ण विश्वास हो चुका है.
बीजेपी के मन में एक भय पैदा हो गया है
जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता झारखंड आ रहे हैं. ऐसा लग रहा है कि जैसे सबके मन में भय समा गया है. हेमंत सोरेन दो जगह से चुनाव लड़ रहे हैं. देखने वाली बात है कि हमारे प्रधानमंत्री दोनों ही जगहों पर आकर प्रचार कर रहे हैं.
पिछले 5 साल में जो भी झारखंड में हुआ है जनता ने सभी चीजों को देखा है. इसलिए प्रधानमंत्री चाहे जितनी भी कोशिश कर ले इस बार बीजेपी का बचना मुश्किल है. सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप मैं 2015 से ही लगा रहा हूं.
4 अगस्त 2017 को मैं प्रधानमंत्री से मिला था और मिलकर मैंने कहा था कि मुझे इस कैबिनेट में शर्मिंदा होना पड़ता है. मैंने कहा कि अब सरकार 2 साल से ज्यादा की हो गयी है. बाहर जो लोग मिलते हैं वह कहते हैं कि इस सरकार से बेहतर हेमंत सोरेन की सरकार थी, तो ऐसे में शर्मिंदगी होती है.
मेरे किसी भी सवाल का जवाब नहीं मिलता है. उचित माध्यम से मैं सवाल उठाता हूं. सेंट्रल की तरफ से जो महामंत्री राज्य में हैं वह मुख्यमंत्री के घरेलू नौकर की तरह काम कर रहे हैं. किसी बात का जवाब नहीं देते हैं और ना ही कुछ कहते हैं.
किसी शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
मैंने जो भी शिकायतें की हैं. वह लिखित रूप से और सबूत के साथ हैं. कई मामलों में तो एक दर्जन पीआइएल दायर हुए हैं. इन मामलों में सरकार कभी जवाब नहीं देती.
मैंने शुरू में ही मैनहर्ट घोटाले की बात कही. हेमंत सोरेन की सरकार में कंपनी को जो पेमेंट हुआ था. वो इसलिए हुआ था कि आरके मजेठिया साहब जज थे और उन्होंने कहा कि जांच चलती रहेगी. लेकिन कंपनी ने जो काम किया है. उसका पेमेंट कर दिया जाए.
मामले की शिकायत विजिलेंस से की गय़ी. जांच में उन्होंने भी अनियमितता पायी. पांच अभियंता प्रमुखों की समिति बनी. पांचों ने कहा कि गंभीर मामला है. हाईकोर्ट कह रहा है कि आप कार्रवाई करिए. ये ऐसा ही है कि लम्हों ने खता की और सदियों ने सजा पायी.
इसके बाद कंबल घोटाला सामने आया. नौकरी देने में भी घोटाले की बात सामने आ रही है. 26 हजार लोगों को नौकरी लगाने की बात करती है. सभी का मोबाइल नंबर है. करीब 2000 लड़कों ने फोन उठाया.
उन्होंने कहा कि हमें छह हजार रुपए में ही चेन्नई भेज दिया गया है. किसी को पुणे भेज दिया. यह बहुत बड़ा घोटाला है. मैंने अखबार के लोगों से भी कहा था कि ऐसा नहीं है कि आप अगर इन बातों को नहीं छापेंगे तो बात जनता तक नहीं पहुंचेगी. आपातकाल के वक्त भी ऐसा हुआ था. लेकिन लोग उस वक्त बीबीसी सुन लिया करते थे.
सीएम जनसंवाद एक बड़ा घोटाला
सीएम सीधी बात जो मुख्यमंत्री जी हर मंगलवार को किया करते थे. उससे बहुत सारे लोगों को नुकसान हुआ है. जनसंवाद पीआरडी का एक बहुत बड़ा घोटाला है. कहीं किसी बात का कोई रिकॉर्ड नहीं है. इस तरह के कई आरोप मैंने लगाए. लेकिन किसी का कोई भी जवाब हमें नहीं मिला.
केंद्र में हमारे बारे यह कह दिया गया कि सरकार का विरोध करते हैं. यह पहला ऐसा राज्य होगा जहां सीएनटी पर कैबिनेट से पास कराए बिना ही कानून बनाने की कोशिश की गयी. मुख्यमंत्री ने सरकार के 30 विभागों में से 12 विभाग अपने पास रखे. सभी मलाईदार विभाग है. इनमें से एक भी विभाग ऐसा नहीं है,
जिसमें घपला-घोटाला नहीं हुआ हो. बीजेपी के स्टार प्रचारकों के भाषणों को सुने कहीं झारखंड के विकास की बात नहीं होती. पूछा जाता है रोजगार के बारे में तो कहा जाता है मैंने 35A हटा दिया. कुशासन के बारे में पूछा जाता है तो कहा जाता है कि 370 हटा दिया.
हेमंत पर भ्रष्टाचार नहीं, अनियमितता का मामला
सीएम चुनाव प्रचार के दौरान हमेशा कह रहे हैं कि हेमंत सोरेन ने सीएनटी का उल्लंघन किया. सीएनटी का उल्लंघन करना कहीं से भी भ्रष्टाचार का मामला तो होता नहीं है. यह अनियमितता का मामला है.
मुख्यमंत्री ने एसआइटी बनायी. कहा कि जांच करेंगे कि हेमंत सरकार के दौरान कहां उल्लंघन हुआ है. दो साल के बाद एसआइटी बंद कर दी गयी. एसआइटी ने रिपोर्ट में क्या दिया कुछ पता नहीं.
दूसरी ओर मेरी शिकायत पर बिजली विभाग के लिए जो एसआइटी बनी उन्होंने रिपोर्ट दिया कि जमशेदपुर में धड़ल्ले से बिजली चोरी हो रही है. रिपोर्ट में बिजली चोरी की बात सामने भी आयी. लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई. सारा काम पहले जैसा ही चल रहा है.




