
सत्य प्रकाश प्रसाद
Ranchi: न्यूज विंग ने सबसे पहले ये खबर प्रकाशित की थी कि कैसे कुछ निजी विश्वविद्यालय यूजीसी के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं. 6 जुलाई को हमने बताया था कि रांची के इक्फाई यूनिवर्सिटी के पास अपना स्थाई कैंपस तक नहीं है. न्यूज विंग की खबर पर सरकार ने इक्फाई यूनिवर्सिटी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग अब निजी विश्वविद्यालयों पर लगाम कसने की तैयारी में लग गया है.
‘यूजीसी के नियमों का पालन करें निजी विश्वविद्यालय, वरना होगी सख्त कार्रवाई’
शिक्षा मंत्री नीरा यादव की अध्यक्षता में निजी विश्वविद्यालयों के साथ एक बैठक हुई. इसमें निजी विश्वविद्यालयों से शिक्षा मंत्री एवं तत्कालीन विभागीय सचिव अजय सिंह ने कहा कि निजी विश्वविद्यालय सरकार के नियमों का पालन जल्द से जल्द करें, नहीं तो सरकार नियम नहीं पालन करने वाले यूनिवर्सिटी के खिलाफ एक्शन लेने को बाध्य होगी. इक्फाई यूनिवर्सिटी को विशेष रूप से शिक्षा मंत्री ने कहा कि वे छह महीने के अंदर अपना स्थाई कैंपस बनायें नहीं तो सरकार को उनके खिलाफ एक्शन लेना होगा.
दस वर्षो के बाद भी इक्फाई नहीं बना पाया कैंपस
झारखंड में सबसे पुराना निजी विश्वविद्यालय में एक इक्फाई यूनिवर्सिटी है. इसकी स्थापना वर्ष 2008 में की गयी. इक्फाई यूनिवर्सिटी विगत दस वषों से झारखंड के छात्रों को डिग्री प्रदान कर रहा है. लेकिन अभी तक इस यूनिवर्सिटी ने अपना स्थाई कैंपस नहीं तैयार किया है. उसी साल यानि 2008 में ही राय यूनिवसिर्टी और साईनाथ यूनिवर्सिटी भी आयी. लेकिन वर्तमान में दोनों यूनिवर्सिटी ने सरकार को अपने स्थाई कैंपस का ब्योरा सरकार को सौंप दिया है. ये दोनों यूनिवर्सिटी अपने-अपने स्थाई कैंपस में चल रहे हैं. इक्फाई यूनिवर्सिटी विगत दस सालों में कई बार अपना कैंपस बदल चुका है. इसको ध्यान में रखकर सरकार ने इक्फाई यूनिवर्सिटी को नोटिस दिया है.
खत्म हो सकती है इक्फाई यूनिवर्सिटी की मान्यता
झारखंड सरकार के निजी विश्वविद्यालय की गाइड लाइन्स को देखें तो इसमें स्पष्ट किया गया है कि यादि निर्धारित समय में निजी विश्वविद्यालय स्थाई कैंपस राज्य में नहीं स्थापित करते हैं, तो सरकार उनकी मान्यता रद्द करने को बाध्य हो सकती है.
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