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अग्रवाल ब्रदर्स हत्याकांड : आरोपी धर्मेंद्र तिवारी ने कोर्ट में किया सरेंडर

Ranchi : अग्रवाल ब्रदर्स हत्याकांड का आरोपी धर्मेंद्र तिवारी ने कोर्ट में सरेंडर किया है. इसके पहले लोकेश चौधरी का बॉडीगार्ड सुनील कुमार ने सरेंडर किया था.

6 मार्च की शाम अशोक नगर रोड नंबर 1 में न्यूज चैनल के बंद दफ्तर में दो भाई हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. वहीं हत्याकांड का मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी और एमके सिंह फरार है.

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पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते किया सरेंडर

पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते धर्मेंद्र तिवारी कोर्ट में सरेंडर करने को मजबूर हुआ. पुलिस टीम जिस तरह से लगातार जगह-जगह छापेमारी कर रही थी, इससे परेशान होकर धर्मेंद्र तिवारी ने सरेंडर कर दिया. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उम्मीद जतायी जा रही है कि जल्द ही लोकेश चौधरी और एमके सिंह भी कोर्ट में सरेंडर कर देंगे.

कुर्की जब्ती की कार्रवाई के लिए पुलिस ने शुरू की तैयारी

हत्याकांड के आरोपी लोकेश चौधरी के घर कुर्की जब्ती की कार्रवाई के लिए पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है. रविवार को अरगोड़ा पुलिस ने जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के वसुंधरा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 201 में वारंट का तामिला कराया. इस प्रक्रिया के बाद पुलिस घर को कुर्क करेगी.

रांची के अलावा बिहार में भी पुलिस कुर्की की कार्रवाई करेगी. साथ ही रांची और बिहार में मौजूद अंचल संपत्ति को भी पुलिस जब्त करने की तैयारी कर रही है. बिहार के औरंगाबाद जिले के नेहरा स्थित लोकेश की अंचल संपत्ति जब्त की जायेगी. पुलिस ने इसके लिए कोर्ट से अनुमति मांगी है.

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धर्मेंद्र तिवारी ने अग्रवाल बंधुओं पर चलाई थी गोली

गिरफ्तार हुए लोकेश चौधरी का निजी बॉडीगार्ड सुनील सिंह को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. उसने बताया था कि व्यवसायी हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की हत्या 25 लाख रुपये हड़पने के लिए की थी.

इसके लिए अपने दोस्त और बॉडीगार्ड से आइबी की फर्जी रेड कराई थी. एमके सिंह और धर्मेंद्र तिवारी ने अग्रवाल बंधुओं पर गोली चलायी थी. निजी न्यूज चैनल कार्यालय में दोनों भाईयों की हत्या के बाद लोकेश, एमके सिंह और उनके दोनों अंगरक्षक सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर लेकर भाग फरार हो गये थे.

अपने टी-शर्ट पर लगे खून को छुपाने के लिए डीवीआर के साथ जला डाला था, ताकि साक्ष्य नष्ट हो जाये.

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