
Chhaya
Ranchi: यह साल कोविड-19 की वजह से अधिकतर लोगों के लिए अच्छा नहीं गुजरा है. लाखों लोगों को अपने काम से हाथ धोना पड़ा है. लेकिन साल का अंत होते-होते अब हालात बदल रहे हैं अब नये रोजगार मिलने की अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं. दिसंबर के अंत तक रांची में ही पांच सौ लोगों को नियुक्ति पत्र दिया जायेगा. ये नियुक्तियां रांची में लगने वाली नयी टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज वेलेंशिया के के लिए होंगी . नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन देंगे.
नौकरी में महिलाओं को दी जायेगी प्राथमिकता
श्रम विभाग की ओर से रजिस्टर्ड प्रवासी मजदूरों को ये नियुक्ति पत्र दिया जायेगा. इसमें महिलाओं को प्राथमिकता दी जायेगी. ओरमांझी में खुलने वाली इंडस्ट्रीज का काम लगभग पूरा हो चुका है. संभावना व्यक्त की जा रही है कि 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री ये नियुक्ति पत्र बांटेंगे. इस दिन राज्य सरकार को सत्ता में आये एक साल पूरा हो जायेगा. ऐसे में श्रम विभाग के पास इस कंपनी के लिये लगभग 250 कामगारों की डिमांड आयी है. इंडस्ट्री ओरमांझी के कुल्ही में लगी है. वहीं राज्य में अन्य टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज भी जल्द शुरू होने वाले है. पिछले तीन महीने से इन कंपनियों का काम जोरों पर है. जिनके लिये भी श्रम विभाग के पास डिमांड आयी है. कुल्ही में लगी वेलेंशिया कंपनी यूपी की है.
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बंद पड़ीं इडस्ट्रीज के खुलने की भी है संभावना
लॉकडाउन के बाद राज्य में मोमेंटम झारखंड से आयी दो टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज बंद हुई. जिसमें सबसे पहले ओरिएंट क्राफ्ट बंद हुई थी. वहीं अक्टूबर महीने में कॉटन ब्लॉजम नामक कपंनी बंद हुई. दोनों ही कपंनियां इंटरनेशनल एक्सपोर्टर थी. इन कंपनियों के बंद होने से लगभग पंद्रह सौ रोजगार प्रभावित हुआ था. ऐसे में प्रयास किया जा रहा है कि इन इंडस्ट्रीज को जल्द से जल्द बहाल किया जायेगा. बात दें वेलेंशिया कंपनी मुख्य रूप से इंटरनेशनल एक्सपोर्टर है. जो विदेशी ब्रांडों के कपड़े बनाती है. इस दौरान प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता देते हुए नियुक्त की जायेगी.
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श्रम विभाग कर रहा मैपिंग और काउसेलिंग
श्रम विभाग की ओर से लॉकडाउन के वक्त मजदूरों के मदद के लिये हेल्पलाइन चलायी जा रही थी. जिसका काम राज्य सरकार ने फिया फाउंडेशन को दिया था. इन नियुक्तियों में प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता दी जायेगी. जिसके लिये कामगारों की स्क्लि मैपिंग और काउंसेलिंग भी की जा रही है. आने वाले समय में और भी टेक्सटाइल इंडस्ट्री लगेंगी. ऐसे में फिया फाउंडेशन की ओर से रजिस्टर्ड लोगों की मैपिंग की जा रही है.
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भविष्य में भी लगने वाली हैं इंडस्ट्रिज
संभावना है कि आने वाले साल राज्य में और तीन टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज खुले. जिसमें वेस्ट बैंड मुंबई की, पर ग्लोबल दिल्ली, मोडलामा एक्सपोर्ट दिल्ली, गणपति क्रिएशन दिल्ली समेत कई अन्य कंपनियां है. इनमंे कुछ कंपनियां विदेशी तो कुछ नेशनल एक्सपोर्टर है.
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लॉकडाउन के बाद चरमरायी थी स्थिति
राज्य के टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज की स्थिति लॉकडाउन के बाद चरमरायी थी. वहीं टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत मिलने वाली सब्सिडी नहीं मिलने से भी व्यवसायियों को परेशानी हुई. लॉकडाउन के बाद इनके मांग और निर्यात में भी काफी असर देखा गया. अरविंद मिल जैसी इंडस्ट्रीज तीन फीसदी वर्कफोर्स के साथ चली. लेकिन अब इन इंडस्ट्रीज की स्थिति में सुधार हो रहा है. फिलहाल राज्य में सात टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज है. सभी की सभी इंडस्ट्रीज विदेशी एक्सपोर्टर है. इसमें ओरिएंट क्राफ्ट बंद है. सभी कंपनियां मोमेंटम झारखंड से राज्य में लगायी गयी.
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