
Giridih: गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के कुल्ही गांव में वज्रपात से जहां दो ग्रामीणों की मौत हो गयी वहीं एक ग्रामीण लखन साव गंभीर रूप से जख्मी हो गया. इसका इलाज डुमरी के रेफरल अस्पताल में किया जा रहा है.
दोनों मृतकों की पहचान कुल्ही गांव निवासी राजेश हेम्ब्रम व कामदेव हेम्ब्रम के रूप में की गयी है.
एक सप्ताह के भीतर डुमरी में वज्रपात से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है. इससे पहले टेसाफूली गांव में एक आदिवासी युवती की मौत हुई, तो गुरुवार को अटकी गांव में 45 वर्षीय आदिवासी की मौत का कारण वज्रपात ही बना.
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ऐसे हुई घटना
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो शुक्रवार दोपहर कुल्ही गांव के मैदान में गांव के तीन लोग राजेश हेम्ब्रम, कामदेव हेम्ब्रम और लखन साव मवेशी चरा रहे थे. इसी दौरान मौसम बिगड़ने के साथ आसमान में बिजली कड़कना शुरू हुआ.
इस दौरान जब हवा तेज चलने लगी, तो तीनों मवेशियों को छोड़कर एक पेड़ के नीचे छिप गये. जिस पेड़ के नीचे तीनों छिपे थे, उसी पेड़ के समीप एक और पेड़ था. इसी बीच तेज आवाज के साथ बिजली गिरी और तीनों को चपेट में लिया.
आसमानी बिजली के चपेट में आने से जहां राजेश और कामदेव की मौत मौके पर हो गयी वहीं लखन साव गंभीर रूप से झुलस गया.
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घर के इकलौते सहारा थे दोनों
घटना के वक्त मैदान में मौजूद लोगों ने जब कामदेव और राजेश के साथ लखन को जमीन पर पड़ा देखा, तो इन लोगों ने घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी. इसके बाद काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल में जुट गयी.
जानकारी के अनुसार राजेश व कामेदव अपने-अपने घर का इकलौता सहारा थे.
इधर जानकारी मिलने के बाद डुमरी थाना पुलिस भी घटनास्थल पहुंची और दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
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