
Satya Prakash Prasad
Ranchi : मारवाड़ी कॉलेज में डिजिटल इंडिया और चांसलर पोर्टल पूरी तरह से फेल नजर आ रहा है. नामांकन की पूरी प्रक्रिया मारवाड़ी कॉलेज में ऑफलाइन की गई वहीं मैनुअल पद्धति के माध्यम से छात्रों का परीक्षा फॉर्म लिया जा रहा है. इसके कारण छात्रों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. छात्र अपनी कक्षाएं छोड़कर घंटों लाइन में परीक्षा फॉर्म जमा करने के लिए खड़े रह रहे हैं. वहीं परीक्षा फॉर्म भरने के लिए छात्रों को 2 दिन का समय लगता है इसके लिए परेशान छात्रों को सात काउंटरों से फॉर्म सत्यापन के लिए गुजरना होता है. ज्ञात हो कि रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत मारवाड़ी कॉलेज ही एकमात्र कॉलेज है जो छात्रों का परीक्षा शुल्क ऑफलाइन ले रहा है इस वजह से छात्रों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
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ऑनलाइन प्रति से नहीं जुड़ सका कॉलेज का बैंक
उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा चांसलर पोर्टल के माध्यम से छात्रों को एकल विंडो प्रदान करने की बात कही गई थी. छात्रों को नामांकन से लेकर सारी प्रक्रिया इसी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रदान करने की कवायद इस बार से जारी की गई थी. लेकिन मारवाड़ी कॉलेज में यह प्रक्रिया पूरी तरह से फेल हो गई है. पोर्टल द्वारा दिए गए गेटवे में मारवाड़ी कॉलेज का कैनरा बैंक पंजीकृत नहीं हो सका है. इसके कारण छात्रों को ऑफलाइन परीक्षा शुल्क जमा करना पड़ रहा है. कॉलेज प्रबंधन की माने तो पोर्टल पर जो उन्हें 11 डिजिट प्रदान किए गए थे. बैंक के लिए वह डिजिट में कई खामियां होने के कारण ऑफलाइन प्रक्रिया से परीक्षा शुल्क जमा किया जा रहा है. ज्ञात हो कि अभी मारवाड़ी कॉलेज में सेमेस्टर 2 के छात्रों का परीक्षा फॉर्म भरा जा रहा है. इसके कारण कॉलेज में छात्रों को काफी समस्याएं आ रही है.
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डिजिटल युग में ऑफलाइन परीक्षा फॉर्म भराना गलत : छात्र
मारवाड़ी कॉलेज के छात्रों ने बताया कि पूरी दुनिया डिजिटल के दौर से गुजर रही है. ऐसे में मारवाड़ी कॉलेज के छात्रों को ऑफलाइन मैनुअल परीक्षा फॉर्म भराना काफी कष्टदायक है. छात्रों को ऑफलाइन परीक्षा फॉर्म भरने के लिए घंटों लाइन में खड़े होना पड़ता है तथा कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्रों को कोई भी सुविधा परीक्षा फॉर्म भरने के दौरान नहीं दी जाती है. कॉलेज के अधिकारी समय पर कॉलेज नहीं आते हैं इसके कारण छात्रों को परीक्षा फॉर्म में काफी समस्या आती है.
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समय पर नहीं आते हैं कॉलेज के प्राचार्य और डीन
मारवाड़ी कॉलेज में इन दिनों सेमेस्टर 2 के छात्रों का परीक्षा फॉर्म भरा जा रहा है. परीक्षा फॉर्म सत्यापन के बाद ही बैंक काउंटर पर जाता है ताकि छात्र परीक्षा शुल्क जमा कर सके. लेकिन छात्रों के के परीक्षा फॉर्म सत्यापन हेतु कॉलेज में ना तो प्रचार ही मिलते हैं और ना ही कॉलेज के दिन ही अपने ऑफिस में रहते हैं. इसके कारण छात्रों को लंबे समय तक प्राचार्य कार्यालय और डीन कार्यालय के समक्ष खड़ा होकर इन अधिकारियों का इंतजार करना पड़ता है. ताकि इनकी सहमति मिलने के बाद वह परीक्षा शुल्क जमा कर सकें. छात्रों का आरोप है कि कॉलेज के प्राचार्य डॉ ए एन ओझा समय पर कॉलेज नहीं आते हैं इस वजह से उन्हें काफी समस्याएं होती हैं. छात्रों की शिकायत पर जब कॉलेज प्राचार्य के ऑफिस में जाकर उनसे बात करनी चाही तो कॉलेज के प्राचार्य अपने ऑफिस में नहीं थे और उनके ऑफिस में ताला लटका हुआ था.

डिजिटल युग में ऑफलाइन परीक्षा फॉर्म भराना गलत : छात्र


