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नाबालिग दे रहे हैं लूट, हत्या, दुष्कर्म जैसी घटनाओं को अंजाम, तीन सालों में बढ़े बाल कैदी

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Ranchi: पिछले 2 सालों में राजधानी रांची में अपराध की दुनिया में नाबालिग लड़कों की सक्रियता बढ़ गयी है. मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में 70 नाबालिग बाल सुधार गृह में बंद हैं. इन्हें अलग-अलग मामलों में पकड़ा गया है. वर्ष 2017 में यह आंकड़ा 60 था. वर्ष 2016 में 50 और वर्ष 2015 में 62 था.नाबालिग लड़के लूट, हत्या, दुष्कर्म जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. राजधानी रांची के आसपास के इलाकों में लूट, हत्या, अपहरण की कई ऐसी घटनायें घटित हुई हैं, जिसमें पुलिस ने नाबालिग लड़कों को गिरफ्तार किया है.

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पैसे के लिए अपराध कर रहे हैं नाबालिग

राजधानी रांची सहित उसके आसपास के इलाके में हाल के दिनों में फिरौती के लिए अपहरण, सुपारी लेकर हत्या सहित कई ऐसी वारदात हुई, जिसमें पुलिस ने नाबालिगों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि रुपये कमाने के चक्कर में नाबालिग अपराध की ओर बढ़ रहे हैं. नाबालिग अपने परिजनों को गुमराह कर दोस्त से मिलने और पढ़ने के नाम पर घर से बाहर निकलते हैं. उसके बाद आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. हाल के दिनों में दुष्कर्म, चोरी और दूसरी आपराधिक घटनाओं में भी पुलिस ने नाबालिगों को गिरफ्तार किया है.

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पुलिस की बढ़ी परेशानी

अपराध की ओर बढ़ते नाबालिगों से अब पुलिस की परेशानी बढ़ गयी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार जो पहले से सक्रिय अपराधी होते हैं, उन पर पुलिस निगरानी रखती है. इसलिए, घटना के बाद उन्हें पकड़ना आसान होता है. जो अपराधी नाबालिग हैं और पहले से सक्रिय नहीं हैं, उनके खिलाफ पुलिस के पास  कोई रिकॉर्ड नहीं होता है. इसलिए उनकी गतिविधियों के बारे में पुलिस को जानकारी नहीं मिल पाती है.

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मोबाइल, बाइक चोरी और लूट की घटनाओं में ज्यादातर नाबालिग संलिप्त

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रांची पुलिस के अनुसार मोबाइल व बाइक चोरी की घटनाओं में ज्यादातर नाबालिग संलिप्त हैं. आए दिन मोबाइल, बाइक चोरी व लूट करते उन्हें पकड़ा जाता है. पकड़ाने के बाद खुलासा होता है कि इनके पीछे किसी मास्टर माइंड का हाथ है. आज के समय में मास्टरमाइंड नाबालिग को पैसों की बदौलत सिर्फ इस्तेमाल कर रहे हैं.

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नाबालिग तैयार करते हैं अपना गिरोह

बाल सुधार गृह में जाने के बाद नाबालिग लड़के अपना गिरोह तैयार कर लेते हैं. गिरोह तैयार होने पर इसका असर अपराध की बढ़ोत्‍तरी में देखा जाता है. जिसके बाद लूट, चोरी,हत्या और बाइक चोरी जैसे घटना का अंजाम देते है.

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नाबालिग लड़कों के द्वारा दिये गये घटना को अंजाम

  • बहू बाजार के गंगू टोली के पास बिहार से परीक्षा देने आये कुछ छात्रों से मोबाइल और रुपये लूट लिये गये. पीड़ित छात्रों ने बताया कि लूटने वाले नाबालिग थे.
  • सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के मधुकम बस्ती में एक नाबालिग बच्ची से 7 लड़कों ने दुष्कर्म की घटना अंजाम दिया था. जिसमें अधिकतर लड़के नबालिग थे.
  • जमशेदपुर की लड़की से बुंडू में 3 लड़कों ने मिलकर दुष्कर्म किया था. जिसमें एक लड़का नाबालिग था.
  • नामकुम थाना क्षेत्र निवासी बिहार रेजिमेंट के जवान जीतलाल मुंडा की हत्या अपराधियों ने की थी. पुलिस को अनुसंधान में पता चला कि जीत लाल मुंडा की पत्नी ने अपने प्रेमी नेहरू सिंह मुंडा के साथ मिल कर पति की हत्या सुपारी देकर करायी है. पुलिस ने हत्याकांड में शामिल कालेश्वर को गिरफ्तार किया. उसके साथ गिरफ्तार तीन अन्य आरोपी नाबालिग थे. जिन्होंने सिर्फ रुपये की लालच में हत्याकांड को अंजाम दिया था.
  • कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी डीएवी के छात्र का अपहरण अपराधियों ने हरमू मैदान से कर लिया था. अपहर्ताओं ने अर्सलान को मुक्त करने के लिए परिजनों से पहले फिरौती के रूप में 20 लाख फिरौती मांगने वाले तीनों छात्र नबालिक थे. जिन्‍हे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.

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