
Giridih: जमुआ थाना क्षेत्र के श्यामसिंह नावाडीह गांव में सम्पर्क सड़क बनाने के लिए मंगलवार को ग्रामीणों के बीच जमकर पत्थर बाजी हुई. बात बढ़ी तो दोनों पक्ष के लोग अंचल अधिकारी और पुलिस की उपस्थिति में ही आपस में मारपीट पर उतारू हो गए.
एक तरफ नावाडीह नीचे टोला के सैकड़ों लोग थे, तो दूसरी तरह गांव के ही बहादुर सिंह व विश्वनाथ सिंह के परिजन. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को एक राउंड हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी.
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इस दौरान हुए हिंसक झड़प में एक पक्ष के जितेन्द्र कुमार सिंह, बिरेन्द्र कुमार सिंह व बहादुर सिंह और दूसरे पक्ष से लिलो महतो, अरविंद प्रसाद कुशवाहा, टिकैत वर्मा और मसोमात गिरजा देवी जख्मी हुए हैं. बाद में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजीव कुमार और इंस्पेक्टर विनय राम सदलबल पहुंचे. और दोनों पक्ष के लोगों को समझा बुझाकर शांत किया.
ये है पूरी घटना
जानकारी के मुताबिक मुख्य मार्ग से नावाडीह नीचे टोला तक जाने के लिए रास्ता नही है. नीचे टोला के लोग बीते कई वर्षों से रास्ता के लिए प्रयत्नशील हैं. बताया जा रहा है कि जमुआ-पचंबा मुख्य मार्ग और नावाडीह नीचे टोला के बीच मे गांव के ही बहादुर सिंह और विश्वनाथ सिंह की जमीन है. गांव के लोग रास्ता की मांग करते आ रहे हैं.
इस बाबत विश्वनाथ सिंह ने बताया कि वर्ष 2013 में भी प्रशासन के पास इस रास्ते का मामला आया था. मगर प्रशासनिक पदाधिकारियों ने इसको गंभीरता से नही लिया. बाद में यह मामला मुख्यमंत्री जनसंवाद में गया.
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उन्होंने कहा कि वह भी साइड से रास्ता बनाने की सहमति दे चुके हैं मगर नीचे टोला के लोग उनकी जमीन के बीच से ही रास्ता बनाने की बात पर अड़े हैं. मंगलवार को सद्दीक मियां, विनोद वर्मा, भुनेश्वर महतो, कुल्लू महतो, पंकज वर्मा, नूर मोहम्मद सहित तीन सौ लोगों ने उनकी जमीन पर खुदाई का काम शुरू कर दिया.
इस दौरान मुखिया ओमप्रकाश साहू भी वहां पर खड़े थे. थाना को दिए आवेदन में सिंह ने कहा है कि उनके परिवार के लोग खुदाई नही करने की बात कहने वहां गए तो उक्त लोगों के साथ मारपीट हुई.
पुलिस ने फायरिंग से किया इनकार
इधर खोरीमहुआ के एसडीपीओ राजीव कुमार ने पुलिस द्वारा की गई फायरिंग से इनकार किया. और कहा कि सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण आपस मे भीड़ गए थे. पुलिस ने मामले पर काबू पाया. फिलहाल मामला शांत और पुलिस के नियंत्रण में है.
दोनों पक्षों को थाना बुलाया गया है. जल्द ही एक तिथि मुकर्रर कर दोनों पक्ष के लोगों के साथ बैठक कर मामले को निपटाने का प्रयास किया जाएगा.
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