
Manoj Kumar Pintu
Girdih: कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या से गिरिडीह स्वास्थ विभाग की चिंता साफ तौर पर दिख रही है. सिविल सर्जन ने डीसी राहुल सिन्हा से सुझाव लेकर अब जिले के गांवा और बगोदर में कोविड-19 का अस्थायी हॉस्पिटल तैयार करने पर काम शुरू कर दिया है.
चिकित्सकों की कमी को देखते हुए ही सिविल सर्जन के निर्देश पर गांवा और बगोदर के कोविड-19 हॉस्पिटल का जिम्मा कम्युनिटी हेल्थ पदाधिकारी पर होगा. हालांकि सिविल सर्जन ने यह तय नहीं किया है कि दोनों प्रखंडों में सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र को हॉस्पिटल का रूप दिया जायेगा या कस्तूरबा आवसीय बालिका विद्यालय को.
डीसी और सिविल सर्जन की बातचीत फिलहाल इसी दिशा में चल रही है क्योंकि इन दोनों में जिस सरकारी भवन को कोविड-19 हॉस्पिटल का रूप दिया जायेगा वहां पहले से चल रहे सारे कार्य ठप करने होगे.
लेकिन सवाल कुछ और है. वह यह कि जिला मुख्यालय के सदर प्रखंड के बदडीहा के एएनएम हॉस्टल परिसर में चार महीनें से संचालित कोविड-19 हॉस्पीटल कि हालात जब बेहद खराब हो, तो इन दोनों प्रखंडों में संचालित हॉस्पिटल का हाल क्या रहेगा?
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मुख्यालय के हॉस्पिटल का ये है हाल
न्यूज विंग के पाठकों ने सोमवार की देर रात एएनएम हॉस्टल का वीडियो भेजा था. वे खुद भी फिलहाल कोरोना से ग्रसित हो कर इस हॉस्पिटल में भर्ती है. पाठकों के भेजे गये वीडियो में साफ दिख रहा है कि एएनएम हॉस्टल के इस कोविड-19 हॉस्पिटल के पानी टंकी का पानी बिल्कुल पीने के लायक नहीं है.
यही नहीं, शौचालय की सफाई सही तरीके से नहीं हो पा रही है. इसके बाद कोविद-19 हॉस्पिटल को बीते कई दिनों से सैनेटाइज तक नहीं किया गया है. हालात यहां तक खराब हैं कि एएनएम हॉस्टल की सफाई भी हर रोज नहीं होती.
वायरल वीडियो में कई वैसे संक्रमित साफ तौर पर स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ विभाग पर आरोप लगा रहे हैं कि कोरोना संक्रमितों को पीने के लिए गर्म तक नहीं दिया जा रहा है जबकि विश्व स्वास्थ संगठन के साथ स्वास्थ विभाग खुद भी कह रहा है कि हर कोरोना संक्रमित को गर्म पानी ही पीना चाहिए.
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