
Dhanbad/Giridih : गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड की जरमुने पश्चिमी पंचायत के मुखिया शंकर पटेल और पंचायत सचिव अवधेश कुमार यादव को आठ हजार रुपये घूस लेते हुए एसीबी की टीम ने पकड़ लिया.
बताया जाता है कि सड़क निर्माण के बाद अंतिम किश्त की राशि के लिए ठेकेदार से घूस मांगा जा रहा था. मामले की शिकायत ललित कुमार पासवान ने एसीबी से की थी.
इसे भी पढ़ेंः #SurpremeCourt का फैसला- प्रवासी मजदूरों का किराया राज्य सरकारें देंगी, जहां फंसे हैं वहां भोजन-पानी भी
सड़क निर्माण की राशि के लिए मांगा गया था कमीशन
बताया जाता है कि बगोदर प्रखंड जरमुने पश्चिमी पंचायत में 14वें वित्त आयोग से सड़क का निर्माण किया गया है. इस सड़क के लिए प्राक्कलित राशि तीन लाख 65 हजार थी. इसमें से तीन लाख रुपये का चेक ठेकेदार ललित पासवान को मिल गया था.
अंतिम किश्त का चेक ललित कुमार 18 मई को जरमुने पश्चिमी के पंचायत सचिव अवधेश कुमार से लेने गये. पंचायत सचिव ने अंतिम किश्त का चेक तो दे दिया लेकिन उन्होंने कहा कि इसमें से 10 हजार रुपये बतौर कमीशन मुखिया को चाहिए. यह रकम जब बोला जायेगा तभी मुखिया को देना है.
इसे भी पढ़ेंः #SurpremeCourt का फैसला- प्रवासी मजदूरों का किराया राज्य सरकारें देंगी, जहां फंसे हैं वहां भोजन-पानी भी
आरोपियों ने कहा – बेकसूर हैं हम
ललित कुमार ने मामले की शिकायत धनबाद स्थित एसीबी से की. एसीबी ने कार्रवाई करते हुए मुखिया और पंचायत सचिव को रंगे हाथ पकड़ लिया. हालांकि इस मामले के आरोपी मुखिया और पंचायत सचिव का कहना है कि उन्होंने कोई घूस नहीं लिया है.
उनसे कहा गया कि यह रुपये राजमिस्त्री को देना है. इसी दौरान एसीबी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. वे लोग बेकसूर हैं.
एसीबी की टीम में ये लोग थे शामिल
एसीबी की टीम में दडांधिकारी दीपमाला, एसीबी डीएसपी अशोक गिरि और एसआई केएन सिंह शामिल थे. टीम की यह कार्रवाई दोपहर ढाई बजे के करीब हुई.
इसे भी पढ़ेंः BJP प्रवक्ता संबित पात्रा में कोरोना के लक्षण, मेदांता में कराये गये भर्ती : रिपोर्ट्स




