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गिरिडीह : हंगामे की भेंट चढ़ा आयुष्मान भारत पंजीयन केंद्र, महिलाओं को लगी चोट

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Giridih : गिरिडीह सदर अस्पताल में शुक्रवार को आयुष्मान भारत योजना के पंजीयन केंद्र में भारी अव्यवस्था के कारण हंगामा हुआ. कर्मियों और लाभुकों के झगड़े में दरवाजे का शीशा टूट गया. जिसके कारण कई महिलाओं को चोटें आयी. इसके बाद मामला बढ़ गया और लोगों ने हंगामा शुरू करना शुरू कर दिया. हंगामा बढ़ता देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को शांत कराकर स्थिति को संभाला. मौके पर सिविल सर्जन डॉ रामरेखा प्रसाद, दण्डाधिकारी सुकेशिनी करकेटा, सदर बीडीओ विभूति मंडल और नगर थाना प्रभारी विनय कुमार राम मौजूद थे.

अस्पताल कर्मी पर शीशा तोड़ने का आरोप

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अस्पताल कर्मी पर शीशा तोड़ने का आरोप

गोल्डेन कार्ड बनवाने आयी महिलाओं ने आरोप लगाया कि पंजीयन केंद्र में बैठे अस्पताल कर्मी ने उनके साथ बदसलूकी की. हंगामे के कारण गुस्से में कर्मी ने दरवाजे का शीशा तोड़ डाला. जिसके कारण चैताडीह की आशा देवी, गुड़िया देवी और भण्डारीडीह की गुलशन परवीन को हल्की चोटे आईं. इधर कियोस्क केंद्र के कर्मी उमेश कुमार ने कहा कि लोगों ने हंगामा कर दरवाजे का शीशा तोड़ दिया.

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एक बजे ही बंद कर दिया गया काउंटर

हंगामें के बाद अस्पताल प्रबंधन ने दिन के एक बजे ही पंजीयन काउंटर को बंद करा दिया और नोटिस चिपका दिया कि सिर्फ अस्पताल में भर्ती मरीजों का ही गोल्डन कार्ड बनेगा. बाकी की सूचना बाद में दी जाएगी.

एक बजे ही बंद कर दिया गया काउंटर
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पंजीयन नहीं होने से लोग परेशान

पीएम द्वारा इस योजना को शुरू किए छह दिन हो गए, लेकिन जिला स्तर पर अधिकारियों ने इसके सही कार्यान्वयन की कोई ठोस तैयारी ही नहीं की है. दूर प्रखंडों से आने वाले गरीब लाभुकों को रोज बिना पंजीयन के ही वापस जाना पड़ रहा है. वहीं इस बारे में रजबी खातुन बताती हैं कि वह अंत्योदय कार्ड है. वह अपने बीमार बच्चे का इलाज धनबाद के निजी अस्पताल में करा रही हैं. वह तीन दिनों से अस्पताल आ रही है. लेकिन ना तो उसका गोल्डन कार्ड बन पा रहा है और ना ही कोई उसे कोई जानकारी दे रहा है. वहीं, महेंद्र रविदास, बगोदर से और सुनिल कुमार, डुमरी से सिर्फ पंजीयन कराने जिला मुख्यालय आए थे. लेकिन यहां भी उनका कार्ड नहीं बना और वे निराश वापस लौट गये.

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अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही

इस अव्यवस्था और हंगामे के लिए पूरी तरह सदर अस्पताल प्रबंधन जिम्मेदार है. अस्पताल ने आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभुकों के पंजीयन की व्यवस्थित तैयारी किए बगैर ही पंजीयन कियोस्क सेंटर के उद्घाटन की औपचारिकता कर दी. पूरे जिले में गोल्डन कार्ड बनाने के लिए सिर्फ एक काउंटर सदर अस्पताल में खोला गया है. भीड़ बढ़ने के कारण अब पंजीयन का काम अस्पताल से ही नहीं संभल रहा है.

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