
Ranchi: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने आम्रपाली ग्रुप के डायरेक्टर अनिल शर्मा और शिव प्रिया के साथ 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.यह गिरफ्तारी ग्राहकों को फ्लैट नहीं देने के मामले में हुई है.इस मामले में 2019 में EOW के पास केस दर्ज किया गया था.
जानकारी के मुताबिक दर्ज केस में यह आरोप लगाया गया था कि आम्रपाली ग्रुप की कंपनी आम्रपाली सेंचुरियन पार्क ने इसी नाम से एक प्रोजेक्ट लांच किया था.यह प्रोजेक्ट ग्रेटर नोएडा में था.कंपनी ने इस प्रोजेक्ट की लीडिंग अखबारों में विज्ञापनबाजी की और यह दावा किया कि इस प्रोजेक्ट को संबंधित अथॉरिटी से मंजूरी मिली है.
शिकायतकर्ता के मुताबिक आम्रपाली सेंचुरियन ने 2,3 एवं 4 बेडरूम, ह़ॉल और किचन (BHK) वाले फ्लैट में सभी आधुनिक सुविधाएं देने की बात कह कर विज्ञापन किया था. शिकायतकर्ता ने कहा कि उसने इसी विज्ञापन को देखकर 2017 में 2 फ्लैट बुक किये और उसका पूरा पेमेंट भी किया.एग्रीमेंट भी दोनों के बीच बना पर शिकायतकर्ता को फ्लैट नहीं मिला.
इसे भी पढ़ें:24 घंटे बचे हैं… Special Train में टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग अब तक शुरू नहीं
कुल 168 शिकायतें आई, आम्रपाली ग्रुप पर दर्ज हैं 14 मामले
इसी बीच इस तरह की कुल 168 शिकायतें आई.2018 में एक और प्राथमिक रिपोर्ट (FIR) बिल्डर के खिलाफ दर्ज की गई.इन शिकायतों में कहा गया कि आम्रपाली स्मार्ट सिटी डेवलपर्स ने गोल्फ होम प्रोजेक्ट लांच किया और यह फ्लैट 2014 में उसे डिलिवरी करना था.पर बिल्डर ने यह भी फ्लैट नहीं दिये.इस तरह तमाम शिकायतों के बाद आम्रपाली के डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है.वैसे इस तरह के 14 मामले आम्रपाली ग्रुप पर दर्ज हैं.
नई मुंबई इलाके में भी फ्लैट नहीं देनेवाला बिल्डर गिरफ्तार
उधर दूसरे मामले में मुंबई से सटे नई मुंबई इलाके में संतोष कुमार सिंह नाम के बिल्डर को गिरफ्तार किया गया है.उस पर भी आरोप है कि उसने 64 खरीदारों को फ्लैट नहीं दिया और उनके साथ धोखाधड़ी की है.शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बिल्डर को गिरफ्तार किया है.बिल्डर ने 2013 से 2015 के बीच 64 ग्राहकों से 67 लाख रुपए लिया था.पर इसने किसी को फ्लैट नहीं दिया.उसने कोई फ्लैट भी इस दौरान नहीं बनाया.
इसे भी पढ़ें:अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव : जीत की दहलीज पर बाइडेन, हिंसा की आहट, सीक्रेट सर्विस ने सुरक्षा बढ़ा दी
रेटिंग एजेंसी इक्रा ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट में रिकवरी दिख रही है.पहली तिमाही में भारी गिरावट के बाद दूसरी तिमाही में इसमें तेजी रही है.इसमें मुंबई, पुणे, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) जैसे शहरों में घरों की बिक्री में सुधार दिख रहा है.
इक्रा की रिपोर्ट दूसरी छमाही, पहली छमाही से बेहतर रहेगी
इक्रा (ICRA) ने कहा है कि सालाना आधार पर देश के टॉप 8 शहरों में घरों की बिक्री पहली छमाही में 50 पर्सेंट गिरी है.हालांकि तिमाही आधार पर इसमें रिकवरी दिख रही है और 60% की ग्रोथ रही है.अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में तिमाही आधार पर पहली छमाही में 78% की गिरावट रही है.रेटिंग एजेंसी ने कहा कि वित्त वर्ष 2021 के दौरान सेल्स वोल्यूम में 45% की गिरावट आ सकती है.हालांकि दूसरी छमाही, पहली छमाही से बेहतर रहेगी.
उधर दूसरी ओर एक्सप्रेस इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने गुरुवार को 1000 रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट को अलोकेट किया.अथॉरिटी को उम्मीद है कि इससे वह 336 करोड़ रुपए जुटा लेगी.यहां पर प्लाॉट की इस समय काफी अधिक मांग है.अथॉरिटी को 1,075 प्लॉट के लिए 2,452 आवेदन मिले हैं.
इसे भी पढ़ें:कोडरमा डीसी की सराहनीय पहल, अधिकारियों ने कुम्हारों से खरीदे एक लाख रुपये के मिट्टी के दीये




