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चौथी बार मुख्य सचिव रैंक के अफसर को JPSC की जिम्मेवारी, आयोग को पटरी पर लाना होगी बड़ी चुनौती

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  • तीन मुख्य सचिव रैंक के अफसर सहित IPS, IFS व न्यायिक सेवा के अफसर बन चुके हैं JPSC चेयरमैन, फिर भी आयोग पटरी पर नहीं.
  • आइपीएस आरसी कैथल, न्यायिक सेवा के आलोकसेन गुप्ता और आइएफएस डीके श्रीवास्तव भी रह चुके हैं अध्यक्ष.
  • केंद्र सरकार के अफसर डॉ पीसी हेंब्रम सहित तीन शिक्षाविद् भी अध्यक्ष पद पर दे चुके हैं योगदान.
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Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग की दशा और दिशा अब तक नहीं सुधर पाई है. अब सरकार चौथी बार मुख्य सचिव रैंक के अफसर को अध्यक्ष पद की जिम्मेवारी सौंपने जा रही है. इससे पहले मुख्य सचिव रैंक के अफसर शिव बसंत, देवाशीष गुप्ता और के विद्यासागर अध्यक्ष पद पर रह चुके हैं. बावजूद इसके जेपीएससी का विवादों से गहरा नाता बरकरार है. वर्ष 2002 से लेकर अब तक आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, न्यायिक सेवा सहित शिक्षाविद् भी जेपीएससी के चेयरमैन रह चुके हैं. ऐसे में नये अध्यक्ष सुधीर त्रिपाठी के लिये जेपीएससी को पटरी पर लाना बड़ी चुनौती होगी.

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IPS, IFS और न्यायिक सेवा के अफसर भी शामिल

यही नहीं न्यायिक सेवा के अफसर आलोकसेन गुप्ता भी अध्यक्ष बने. आईपीएस आरसी कैथल भी अध्यक्ष रहे. सेंट्रल गवर्मेट के अफसर डॉ पीसी हेंब्रम सहित तीन शिक्षा विद डॉ दिलीप प्रसाद, डॉ परवेज हसन और एके चट्टोराज भी अध्यक्ष पद रहे. फिर भी आयोग विवादों से जूझता रहा. डॉ एके चट्टोराज वर्तमान में जेपीएससी के प्रभारी अध्यक्ष हैं. स्थिति यह है कि अब तक जेपीएएससी सिर्फ पांच परीक्षा ही ले पाया है.

एक भी रिजल्ट पाक-साफ नहीं निकला, कहीं ना कहीं फंसा पेंच

जेपीएससी द्वारा ली गई परीक्षाओं का एक भी रिजल्ट पाक-साफ नहीं निकला. जेपीएससी देश का पहला ऐसा आयोग है, जिसके अध्यक्ष पद पर रहते ही कार्रवाई हुई. पहली सिविल सेवा, द्वितीय सिविल सेवा, व्याख्याता, बाजार पर्यवेक्षक, सहकारिता और जेट परीक्षा विवादों के घेरे में रही. काफी हंगामे के बाद निगरानी जांच का आदेश दिया गया. द्वितीय सिविल सेवा से चयनित 166 अफसरों को कार्यमुक्त भी किया गया. प्रथम सीमित प्रतियोगिता परीक्षा रद्द करनी पड़ी. जेट परीक्षा का रिकॉर्ड भी गायब किया गया. इन सभी परीक्षाओं में अपने लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप है.

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सिविल सेवा की सिर्फ पांच परीक्षा ही ले सका है जेपीएससी

जेपीएससी अब तक सिविल सेवा की सिर्फ पांच परीक्षाएं ही ले पाया है. छठी सिविल सेवा की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है. 17 अगस्त 2015 से छठी सिविल सेवा की प्रक्रिया शुरू हुई. इसका भी पीटी रिजल्ट तीन बार जारी किया गया. अंतिम संशोधित पीटी रिजल्ट छह अगस्त 2018 को जारी हुआ. मुख्य परीक्षा ले ली गई है. लेकिन अब तक इसका परिणाम जारी नहीं हो पाया है. इतनी प्रक्रिया पूरी करने में लगभग साढ़े तीन साल का समय लग चुका है.

कौन अध्यक्ष किस सेवा में रहे

  • डॉ पीसी हेंब्रम (सेंट्रल गवर्मेट के अफसर)
  • डॉ दिलीप प्रसाद (शिक्षाविद्)
  • आलोक सेन गुप्ता (न्यायिक सेवा)
  • आरसी कैथल (आईपीएस)
  • परवेज हसन (शिक्षाविद्)
  • शिव बसंत (आईएएस, सीएस रैंक के अफसर)
  • देवाशीष गुप्ता (आईएएस, सीएस रैंक के अफसर)
  • के. विद्यासाग (आईएएस, सीएस रैंक के अफसर)
  • डीके श्रीवास्तव (आईएफएस, पीसीसीएफ)
  • एके चट्टोराज (शिक्षाविद्)

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