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374.80 करोड़ रुपये की लागत से एससी-एसटी सहित अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग के चार योजनाओं का होगा क्रियान्वयन

Ranchi. राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग से जुड़ी कई योजनाओं की शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समीक्षा की. समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री चंपई सोरेन, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का और विभागीय सचिव अमिताभ कौशल मौजूद थे. 

इस दौरान केंद्र सरकार को वित्तीय वर्ष 2020-21 के तहत स्वीकृति के लिए भेजी जाने वाली योजनाओं के प्रस्ताव की सीएम ने जानकारी ली. संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के तहत संचालित होनेवाली योजनाएं,  विशेष केंद्रीय सहायता-अनुसूचित जनजाति उपयोजना, कंजर्वेशन कम डेवलमेंट के तहत ली जानेवाली योजनाएं और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय से संबंधित योजनाएं शामिल हैं. 

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चारों योजनाओं के लिए सरकार ने कुल 374.80 की लागत से किये जाने का निर्णय हुआ. बैठक में सीएम ने कहा कि जो भी योजनाएं बनाई जाएं, उसका बेहतर तरीके से क्रियान्वयन होना सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिलना चाहिए. विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही केंद्र को इस प्रस्ताव के स्वीकृति के लिए एक रिपोर्ट भेजा जाएगा.

124.93 करोड़ की लागत से होगा ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण, विकास सहित कई काम 

मुख्यमंत्री को विभागीय अधिकारियों ने बताया कि संविधान की धारा 275 (1) के तहत ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास, सरायकेला में बिरसा स्टेडियम के उन्नयन,  अनुसूचित क्षेत्रों में पीसीसी पथ,  कलवर्ट एवं पुलिया निर्माण,  अनुसूचित क्षेत्रों में संचालित मेसो अस्पतालों एवं जीएनएम हॉस्टल की जीर्णोद्वार,  आवासीय एवं एकलव्य विद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से संबंधित योजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसके लिए कुल 124.93 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रस्ताव है. 

विशेष केंद्रीय सहायता-अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए 124. 50 करोड़ रुपये 

सीएम को बताया गया कि केंद्र के विशेष केंद्रीय सहायता-अनुसूचित जनजाति उपयोजना के तहत तालाब निर्माण, डीप बोरिंग, लिफ्ट एरिगेशन, अनुसूचित जनजाति के युवाओं के उद्यमिता विकास,  सिंचाई, अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के बीच सिलाई मशीन का वितरण, मधुमक्खी पालन समेत अन्य योजनाओं के लिए 96 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है. इसके अलावा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के तहत जनजातीय समुदाय के लिए सांस्कृतिक भवन आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाएं भी केंद्र को भेजी जाएगी.

आश्रम और एकलव्य विद्यालयों में छात्रावास समेत अन्य निर्माण कार्यों से संबंधित योजनाओं का प्रस्ताव है. इन सभी योजनाओं के लिए 124. 50  करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इसके अलावा कंजर्वेशन कम डेवलपमेंट के तहत 28.60 करोड़ रुपए की योजनाएं बनाई गयी है. एकलव्य विद्यालयों के संचालन हेतु 72.70 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया है.

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