
Ranchi : राजधानी के रांची नगर निगम में टाउन प्लानर (नगर निवेशक) के खाली पद पर पूर्व टीपी घनश्याम अग्रवाल दोबारा अपनी पारी दुहराना चाहते हैं. टाउन प्लानर का एक पद 28 फरवरी 2019 से खाली है. इसके लिए उन्होंने अपनी लॉबिंग भी शुरू कर दी है.
वर्तमान में मनोज कुमार ही टीपी की भूमिका में हैं. श्री अग्रवाल 2016-2018 में नगर निगम में पदस्थापित थे. बाद में नगर विकास विभाग ने इनके पैतृक विभाग में सेवा वापस कर दी थी. इनके अलावा पूर्व जिला अभियंता और टीपी रहे एचके सिंह भी फिर से नगर निवेशक बनना चाहते हैं.
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सिविल इंजीनियर नहीं बन सकते टीपी : केंद्र
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से यह आदेश जारी किया गया है कि देश के किसी भी शहरी स्थानीय निकाय अथवा निगम में सिविल इंजीनियर टाउन प्लानर नहीं बन सकता है. केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निकाय के टाउन प्लानर के लिए वास्तुकला में स्नातक की डिग्री होना जरूरी है.
इतना ही नहीं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानिंग, नयी दिल्ली के एसोसिएट सदस्य का होना भी जरूरी किया गया है. साथ ही अर्हता में टाउन प्लानिंग की डिग्री अथवा मास्टर डिग्री भी जरूरी की गयी है.
किसी भी निकाय में पांच वर्ष तक का टाउन प्लानिंग कार्य का अनुभव भी इस पद में नियुक्ति के लिए जरूरी है. केंद्र ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि टाउन प्लानर के लिए सिविल इंजीनियर के डिग्रीधारक को नहीं लिया जा सकता है.
निगम में हर माह जमा होते हैं 350 से ज्यादा आवेदन
रांची नगर निगम में औसतन प्रति माह 350 से ज्यादा नक्शे का आवेदन जमा होता है. इसमें से प्रत्येक माह 100 से अधिक नक्शे पारित किये जाते हैं. फरवरी 2019 के बाद से छोटा नक्शा (आवासीय) 15 दिनों में पारित किया जा रहा है.
जबकि बड़ा अथवा बहुमंजिली इमारतों का नक्शा एक महीने के अंदर पास किया जा रहा है. छोटा नक्शा आवेदक की जरूरत के आधार पर पास किया जा रहा है, ताकि बैंकों का कर्ज समय पर मिल सके.
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