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लातेहार : रामचरण के घर पहुंच बोले एसडीएम – भूख से नहीं हुई है मौत, सबकुछ सामान्य

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लातेहार :  झारखंड में भूख से हो रही मौत की फेहरिश्त लंबी होती जा रही है. अब तक सूबे में भूख और भूख जनित रोगों से मरने वालों की संख्या 19 तक पहुंच गयी है. लेकिन सरकार लगातार हो रही भूख से मौत की बात को खारिज करती आ रही है. जिले के महुआडांड़ में 65 साल के रामचरण मुंडा की 5 जून दोपहर भूख से मौत हो गयी. रामचरण के घर में अनाज का एक दाना नहीं था. पिछले तीन दिनों से चूल्हा भी नहीं जला था.

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एसडीएम की सफाई

रामचरण के घर पहुंचे एसडीएम
रामचरण के घर पहुंचे एसडीएम

इस मामले की जांच में महुवाड़ाड के एसडीएम शुक्रवार को मृतक के घर पहुंचे. साथ ही घर की जांच की और मामले की लीपापोती में जुट गए. रामचरण की भूख से मौत मामले पर एसडीएम का कहना था कि पिछले तीन महीने से ऑनलाइन पॉस मशीन काम नहीं कर रही. जिससे मृतक के घर में उन्हें राशन नहीं मिला.

हालांकि घर की जांच में राशन नहीं मिलने के बावजूद एसजीएम का कहना था कि रामचरण की मौत भूख से नहीं हुई है. साथ ही सफाई दे डाली कि मृतक के परिवार वालों की बीपी जांच करवायी गयी है, जो नार्मल पाया गया है.

इसके अलावा घर में गैस चूल्हा, राशन और पेंशन कार्ड भी पाया गया. मृतक के परिवार को सभी सरकारी लाभ मिल रही थी, तो ऐसे में किसी भी तरह से रामचरण की भूख से मौत नहीं लगती है.

वहीं जब एसडीएम से पूछा गया कि दो महीने से राशन गांव वालों को नहीं मिल रहा तो उन्होंने कहा कि पहले डीलर रामरूद्र प्रसाद थे.

लेकिन उनकी मृत्यू के बाद पत्नी को अनुकंपा के आधार पर रखा गया और उन्हें पॉस मशीन भी दिया गया. लेकिन इस गांव में इंटरनेट सुविधा नहीं है तो बिना पॉस मशीन के ही अनाज बांटने का निर्देश दिया गया है.

रामचरण के घर में अनाज नहीं पाए जाने के सवाल पर उन्होंने सफाई में कहा कि, अभी तो घर का नीरिक्षण किया गया है और अनाज भी मिला है. साथ ही कहा कि घर पर मेहमान भी आये हैं, ऐसे में भूख से मौत जैसी कोई बात नहीं है.

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क्या था मामला

लातेहार जिला अंर्तगत  महुआडांड़ प्रखंड की दुरुप पंचायत के लुरगुमी कला में 5 जून को रात में 65 वर्षीय रामचरण मुंडा नामक व्यक्ति की मौत हो गयी.  गुरूवार दोपहर ग्रामीणों के सहयोग से अंतिम संस्कार किया गया. तीन साल पूर्व उसके 17 वर्षीय बेटे की भी मौत टीबी से हो गयी थी.

6 जून की  सुबह जब रामचरण मुंडा मृत्यु की खबर ग्रामीणों ने नरेगा सहायता केंद्र महुआडांड के अफसाना को दी तो  वह रामचरण मुंडा  के घर पहुंची और  घर एवं चूल्हे का जायजा लिया.

उन्होंने पाया कि  मृतक के घर में अनाज का एक भी दाना नहीं था. उनके घर में लगभग तीन दिनों से चूल्हा भी नहीं जला था. ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय डीलर मीना देवी द्वारा नेटर्वक का बहाना बनाकर पिछले तीन माह से राशन का वितरण भी नहीं किया है.

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मृतक की पत्नी चमरी देवी को 50  किलो अनाज 

नरेगा सहायता केंद्र की अफसाना ने बताया कि घटना के बाद प्रखंड मुख्यालय लौट कर घटना की जानकारी देने प्रखंड पहुंची, तो प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रखंड मुख्यालय से बाहर थीं, वहीं अंचलाधिकारी अपने कार्यालय से अनुपस्थित थे. संबंधित पंचायत के पंचायत सेवक से संपर्क करने प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था.

उसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी से संपर्क कर घटना की विस्तृत जानकारी दी गयी. उनहोने तत्काल घटना स्थल पर एओ को भेज कर पीडित परिवार को मदद करने का आदेश दिया.  एओ ने तत्काल  मृतक की पत्नी चमरी देवी को  50  किलो आनाज और दाह संस्कार के लिए 2000 रुपया दिया गया.

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