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अंडर ग्राउंड केबलिंग की मार : सप्लाई पाइप फटने से हाहाकार, BSNL का तार कटने से तीन हजार कनेक्शन लौटाये गये

जिले में इन दिनों तापमान के लगातार बढ़ने से पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है. हर ओर पानी की किल्लत हो गयी है.

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Dilip  Kumar

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Palamu : जिले में इन दिनों तापमान के लगातार बढ़ने से पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है. हर ओर पानी की किल्लत हो गयी है. लेकिन जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में बिजली के लिए बिछाए जा रहे अंडर ग्राउंड केबलिंग के लिए जो ड्रिल किए गये हैं, उससे सप्लाई वाटर का पाइप फट गया है. सप्लाई का पानी गड्ढों में बहकर बर्बाद हो रहा है. इससे शहर के कई क्षेत्रों में जलापूर्ति ठप पड़ गयी है.

सड़क पर मलबों का ढेर, चलना मुश्किल

बिजली के हाइटेंशन तारों को अंडरग्राउंड करने के कारण जहां-तहां सड़कों को तोड़ दिया गया है. इससे शहर की सूरत तो बिगड़ ही गयी है और लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं. पीएचइडी की सप्लाई पाइप और बीएसएनएल के टेलीफोन केबुल को भारी नुकसान पहुंचा है. लगातार फट रहे पाइपों के कारण जहां इस भीषण गर्मी में पेयजल का संकट गहरा जा रहा है, वहीं टेलीफोन लाइनों के ठप रहने के कारण उपभोक्ताओं का बीएसएनएल की सेवा से मोह भंग होने लगा है.

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ड्रिल करने से केबुल और पाइप को पहुंचता है नुकसान

बिजली के 11 हजार वोल्ट के तारों के अंडरग्राउंड हो जाने से भविष्य में रामनवमी और मुहर्रम के दौरान पावर कट की समस्या से निजात तो मिलेगी. लेकिन वर्तमान में अंडरग्राउंड वर्क की वजह से  पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के साथ भारत संचार निगम लिमिटेड को भारी नुकसान पहुंच रहा है.

अबतक लाखों रूपये के नुकसान सामने आ चुके हैं. अंडरग्राउंड केबलिंग के दौरान ड्रिल करने से जहां बीएसएनएल के तार कटकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जा रहे हैं, वहीं पीएचइडी की सप्लाई पाइप फट जा रही हैं.

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कई इलाकों में पेयजलापूर्ति पर असर

सप्लाई पाइप के फट जाने से शहर के कई इलाकों में आठ से दस दिनों तक जलापूर्ति प्रभावित हो रही है. फटे पाइपों से अनावश्यक पानी बहकर बर्बाद हो जा रहा है. दो-तीन दिन पहले स्टेशन रोड में भी इसी तरह की घटना सामने आयी, जिससे शहर के आधा दर्जन पॉश इलाकों में जलापूर्ति नहीं हो सकी.

पीएचइडी के पास इन पाइपों की मरम्मत कराने के फंड नहीं होते, नतीजा मामला ठंडे बस्ते में लंबे समय तक पड़ रह जाता है. बीएसएनएल के साथ भी कुछ इसी तरह की समस्या उत्पन्न हो रही है. सैकड़ों टेलीफोन डेड हो जा रहे हैं. इस डिजिटल भारत के सपने को करार झटका लगता दिख रहा है.

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30 से 40 साल पहले लगे हैं बीएसएनएल के केबल

विभाग के कर्मियों के अनुसार, मेदिनीनगर शहर में 30-40 साल पहले अंडरग्राउंड टेलीफोन के केबल बिछाए गए थे. लेकिन वर्तमान में शहर के करीब-करीब इलाकों में पक्की सड़कें बन गयी हैं. ऐसे में ड्रिल के बाद फॉल्ट होने पर तकनीकी खराबी ढूंढ पाने में कर्मियों के पसीने छूट जाते हैं.

बीएसएनएल में कर्मियों का घोर अभाव है.  ठेकेदार के साथ काम करने वाले कर्मियों के भरोसे ही अब बीएसएनएल की सेवा रह गयी है. जिन्हें आठ-नौ महीने के बाद ही एक-दो महीने का पेमेंट हो पाता है. ऐसे में काम के लिए भी कर्मी टालमटोल करते रहते हैं.

तालमेल का घोर अभाव

अंडरग्राउंड केबल बिछा रही विद्युत विभाग की कंपनी का बीएसएनएल और पीएचइडी के कर्मियों के साथ तालमेल का घोर अभाव है. बीएसएनएल के कर्मियों का आरोप है कि केबल बिछा रही कंपनी सड़क में ड्रिल करने से पहले उनसे संपर्क नहीं करती. जबकि पीएचइडी के पदाधिकारियों ने भी केबल बिछाने वाली कंपनी के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप लगाया.

आम लोग भुगतते हैं खामियाजा

बीएसएनएल द्वारा जब विद्युत विभाग के पदाधिकारियों से इस संबंध में संपर्क किया जाता है तो वे भी कंपनी के ठेकेदार की मनमानी की बात कहते हैं. विद्युत विभाग के पदाधिकारी यह कहकर मामले को टाल देते हैं कि केबल बिछा रही कंपनी के कर्मी उनकी नहीं सुनते.

अबतक तीन हजार टेलीफोन कनेक्शन हुए वापस

शहर में अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम पिछले दो वर्षों से चल रहा है. ऐसे में आरोप है कि जहां-तहां और जैसे-तैसे ड्रिल किए जाने के कारण बीएसएनएल के केबल कटते गए. नतीजा इन वर्षों के दौरान अबतक 3 हजार टेलीफोन कनेक्शन उपभोक्ताओं ने वापस कर दिए हैं. इससे बीएसएनएल को भारी राजस्व का नुकसान हुआ है.

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ठेकेदार की लापरवाही से हो रही समस्या : परशुराम ओझा

बिजली और पानी की आपूर्ति को लेकर हमेशा संघर्ष करने वाले भाजपा नेता परशुराम ओझा ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण ऐसी समस्या हर दिन आ रही है. कई बार जिला प्रशासन और नगर निगम को जानकारी दी गयी. लेकिन फिर भी लापरवाही के कारण अक्सर शहर के किसी न किसी स्थान पर सप्लाई का पाइप कट रहा है और हजारों गैलन पानी बर्बाद हो रहा है. हालांकि कई जगहों पर उन्होंने मरम्मत करायी है, जिससे लोगों को थोड़ा बहुत पानी मिल पा रहा है.

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