
Chatra : बालूमाथ राजकीय अस्पताल में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित डॉ अमरनाथ प्रसाद को गबन के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है. उन पर चतरा जिले में सिविल सर्जन के रूप में पदस्थापना के दौरान 1 करोड़ 21 लाख रुपये की खरीदारी में गड़बड़ी का आरोप था.
चतरा की पुलिस उन्हें बालूमाथ से गिरफ्तार किया है. हैरत की बात यह कि घोटाले के इस मामले में डॉ प्रसाद को चतरा की अदालत फरार घोषित कर चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद वे पिछले सात वर्षों से बालूमाथ में सरकारी हॉस्पिटल में पदस्थापित थे.
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क्या था पूरा मामला
बता दें कि डॉ प्रसाद ने वर्ष 2013 में चतरा सिविल सर्जन के पद पर रहते हुए सरकार के प्रावधानों के विपरीत एक करोड़ 21 लाख 80 हजार 995 रुपये का लोकल मेड जेनेरेटर सेट, एयरकंडीशनर एवं दवाइयों का क्रय किया था.
उपायुक्त चतरा के निर्देश पर जांच के उपरांत प्रथमदृष्टया खरीदारी में घोटाले का आरोप सत्य पाया गया था और चतरा सदर थाना में कांड संख्या 143/2013 के तहत एफआईआर दर्ज की गयी थी.
जीआर केस संख्या 694/2013 के तहत चतरा सीजेएम की अदालत में चल रहे केस को लेकर डॉ प्रसाद की अग्रिम जमानत की याचिका झारखंड हाइकोर्ट ने पूर्व में खारिज कर दी थी.
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