
Ranchi : प्रदेश भाजपा ने सालभर तक किसान हित के नाम पर सभी को ठगने का आरोप राज्य सरकार पर लगाया है. गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक अनंत ओझा ने कहा कि रघुवर सरकार के समय से इस सरकार ने जल संसाधन विभाग का बजट 800 करोड़ तक कम रखा.
पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 का बजट आकार 1846.36 करोड़ का था. इसमें से 1233.37 करोड़ खर्च कर दिया गया था. हेमंत सरकार ने जल संसाधन के लिए एक साल में 1018 करोड़ रुपये का बजट बनाया.
पर अक्टूबर, 2020 तक इसमें से एक रुपये का भी काम सिंचाई औऱ दूसरे काम के लिए नहीं किया जा सका. बस किसान हित के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाया जाता रहा. कॉन्फ्रेंस में विधायक पुष्पा देवी भी उपस्थित थीं.
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रघुवर सरकार औऱ केंद्र की योजनाएं प्रभावित
अनंत ओझा ने कहा कि पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार के समय राज्य में सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने को लेकर कई योजनाओं पर तेजी से पहल हुई. केंद्र सरकार ने भी इसमें पहल की थी. राज्य में 52 इआरएम (मरम्मति, पक्कीकरण, सुदृढ़ीकरण) योजनाएं पैसे के अभाव में दम तोड़ने लगी हैं.
1000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की इन योजनाओं के लिए वर्तमान में पैसे ही नहीं जारी किये गये हैं. गवई, चंदनक्यारी में 137 करोड़ की योजना को बंद कर दिया गया. 832 करोड़ की ईचा डैम योजना के काम के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया था पर अब उसे भी पैसे आवंटित नहीं किये गये हैं.
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सिंचाई के लिए परेशानी उठा रहे किसान
जल संसाधन विभाग को नजरअंदाज करने के कारण किसानों को सिंचाई संबंधी गंभीर सवालों से जूझना पड़ रहा है. पलामू से लेकर संथाल और कोल्हान तक यह समस्या है. स्वर्णरेखा परियोजना का पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार करके काम शुरू कराना है.
पर इसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. तमाम योजनाओं की जो हालत है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि अक्टूबर 2020 तक पूरे बजट का एक रुपया भी खर्च नहीं किया जा सका.
रघुवर दास सरकार में किसानों को खेती बारी के काम के लिए आर्थिक मदद दी जा रही थी. सिंचाई सुविधाओं पर भी काम आगे बढ़ा था. पर वर्तमान सरकार स्थापना दिवस का एनिवर्सरी मनाने के लिए ही पैसे खर्च करती है, किसानों के लिए नहीं.




