
Ranchi: चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव दोषी करार दिए गए. सीबीआई के विशेष जज एसके शशि की अदालत ने लालू यादव को दोषी करार दिया है. 21 फरवरी को लालू के सजा के बिंदुओं पर सुनवाई होगी. यानी 21 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी. इस मामले में लालू यादव के अलावा 74 अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया गया है. इनमें से 36 दोषियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई है. जिनमें पूर्व सांसद जगदीश शर्मा व पूर्व विधायक ध्रुव भगत शामिल हैं. अदालत ने लालू यादव को अगली सुनवाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. यानी की लालू यादव को अदालत से सीधे जेल जाना होगा. इस तरह चारा घोटाला मामले में लालू सातवीं बार जेल जाएंगे.
24 लोग बरी करार
सीबीआई की अदालत ने लालू समेत मामले से जुड़े 99 अभियुक्तों सशरीर अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया था. अभियुक्तों में दस महिलाएं भी शामिल हैं. ध्यान में रखते हुए लालू 13 फरवरी को रांची पहुंच चुके थे. डोरंडा कोषागार से हुई अवैध निकासी के मामले में शुरू में कुल 170 आरोपित थे, इनमें 55 आरोपितों की मौत हो चुकी है. फिलहाल ट्रायल में 99 लोग शामिल हैं. इनमें को 24 को बरी कर दिया गया है. साक्ष्य व गवाह के अभाव में इन्हें बरी करार दिया गया है. बरी लोगों में दीनानाथ सहाय, एनुल हक, राजेंद्र पांडेय, साकेत शामिल हैं.

जांच में सीबीआई को लगे 25 वर्ष
डोरंडा कोषागार मामले की जांच में सीबीआई को 25 वर्ष लगे. इस मामले में सीबीआइ की ओर से 7 जून 2003 को पूरक चार्टशीट अदालत में दाखिल किया गया था. इस मामले में 26 सितंबर 2005 को आरोप तय हुआ था. अदालत में सीबीआइ की गवाही 16 मई 2019 को बंद हुई थी. अदालत में बचाव पक्ष की गवाही 26 फरवरी 2021 को बंद हुई थी. मई 2019 से अदालत में अभियुक्तों का बयान शुरू हुआ था. सीबीआइ ने 2 मार्च 2021 से सात अगस्त 2021 तक इस मामले में बहस की.
139.35 करोड़ रूपये की अवैध निकासी
चारा घोटाले की गिनती देश के बड़े घोटालों में होती. चारा घोटाले में बतौर राशि डोरंडा कोषागार का मामला सबसे बड़ा है. डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रूपये की अवैध निकासी की गयी थी. वहीं, चारा घोटाले के नाम पर अन्य चार जिलों में भी अवैध निकासी की गयी थी. इनमें से दो मामले चाईबासा कोषागार से संबंधित है. एक मामला दुमका कोषागार से और एक देवघर कोषागार से अवैध निकासी से जुड़ा है. चाईबासा कोषागार, दुमका कोषागार और देवघर कोषागार मामलों में लालू प्रसाद यादव को कुल 27 वर्षों की सजा कोर्ट ने दी है. मालूम हो कि इन चारों मामलों की आधी सजा लालू प्रसाद यादव पूरी कर चुके है. आधी सजा पूरी करने पर सीबीआइ की कोर्ट ने उन्हें जमानत दी है. फिलहाल लालू यादव सजायाफ्ता हैं.
इन इन मामलों में हो चुकी है सजा
चाईबासा कोषागार में 37.7 करोड़ की अवैध निकासी पर पांच साल की सजा और 25 लाख जुर्माना लगाया गया. देवघर कोषागार से 89.5 लाख की अवैध निकासी मामले में साढ़े तीन साल की सजा सुनायी गयी. साथ ही पांच लाख जुर्माना लगाया गया. चाईबासा कोषागार से 30 करोड़ की अवैध निकासी हुई. इसमें पांच साल की सजा और 10 लाख जुर्माना लगाया गया. दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ की अवैध निकासी पर सात- सात साल की सजा और 30- 30 लाख रूपये जुर्माना लगाया गया.




