
Ranchi:श्री गुरु गोविंद सिंह ने मानव जाति को जीने की कला सिखायी. समरसता एवं समभाव से युक्त समाज जहां कोई ऊंच-नीच ना हो. कोई भेदभाव ना हो ऐसे आदर्श समाज की संकल्पना श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने की थी. आइए आज के दिन हम सभी संकल्प लें कि, जो जीवन दर्शन श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने मानव जाति को दिया. उसे अपने जीवन में आत्मसात करें और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए श्री गुरु गोविंद सिंह जी के बताए हुए मार्ग पर हम चलें . इससे मानव समाज का कल्याण होगा. इन बातों को झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जमशेदपुर में सिखों के दशम गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के 391वें प्रकाश पर्व महोत्सव के अवसर पर कही. वो कदमा गुरुद्वारा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
देश श्री गुरु गोविंद सिंह जी ता हमेशा ऋणी
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने अपनी संस्कृति की रक्षा की और उसके लिए अपने जीवन को भी बलिदान दिया. यह भारतवर्ष सदैव उनका ऋणी रहेगा . जो सीख गुरु ने हमें दी वह आज भी हमारे लिए प्रासंगिक है. राष्ट्र को सर्वोपरि रखने की भावना हर देशवासी के अंदर रहे और एक ऐसा भारत जहां अमीर और गरीब की खाई ना हो. ऊंच और नीच का भेदभाव ना हो ऐसा समरस समाज भारत में स्थापित हो, यह कामना हम सब करें और उनके बताये हुए मार्ग पर चलकर जीवन में आगे बढ़ें.
2022 तक झारखंड दुनिया का सबसे बेहतर राज्य होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में राज्य विकास के पथ पर अग्रसर होगा. कुदरत ने हमें इतनी संपत्ति दी है कि वर्ष 2022 तक दुनियाभर के विकसित राज्यों के समकक्ष झारखंड होगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रेलवे के परिचालन, पेंट्रीकार और जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं को सुना और कहा कि सरकार निश्चित रूप से सभी मुद्दों पर गंभीरता पूर्वक विचार करेगी और जनहित में जो भी उचित होगा उस पर निर्णय लिया जाएगा. इस अवसर पर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के वाइस चेयरमैन श्री गुरुदेव सिंह राजा, सेंट्रल गुरुद्वारा के प्रधान श्री इंदरजीत,राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सदस्य श्री कुलविंदर सिंह बंटी तथा बड़ी संख्या में अन्य लोग उपस्थित थे.
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