
Ranchi: डीआरडीए के विघटन के बाद इसमें कार्यरत 380 संविदा कर्मियों का विलय जिला परिषद में किया जायेगा. 24 जिला परिषद में विलयन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. इसके साथ ही इसमें कार्यरत स्थायी कर्मचारी जिनकी प्रतिनियुक्ति दूसरे विभागों से डीआरडीए में की गयी थी वे स्वत: अपने पैतृक विभाग में वापस लौट जायेगें. वहीं, डीआरडीए अंतर्गत संविदा आधारित नियुक्त कमी द्वारा धारित सृजित पद के लिए जिला परिषद अंतर्गत एक कोषांग का गठन किया जायेगा और कर्मचारी यहीं योगदान देंगे.
हालांकि, विलयन के प्रभाव के रूप में कर्मचारी की अधिकता अगर जिला परिषद में हो जाती है तो इसे आधार मानकर जिला परिषद में कार्यरत किसी नियमित कर्मी या अस्थायी कर्मी जैसे आउट सोर्स, संविदा, दैनिक मजदूरी,अंशकालीन की सेवा समाप्त नहीं की जायेगी. परंतु जिला परिषद में पूर्व से प्रतिनियुक्त कर्मी की सेवा वापस करने पर डीडीसी सहित सक्षम प्राधिकार निर्णय ले सकेंगे. कोषांग में विशेषज्ञ एवं तकनीकी कर्मी, पदाधिकारी उपलब्ध रहने की स्थिति में उनके स्तर के कार्य निष्पादन के लिए अन्य विभागों से पंचायती राज विभाग की पूर्वानमुति लेनी जरूरी रखी गयी है.
ग्रामीण विकास विभाग ने सारे मसले पर स्थिति स्पष्ट की है. विलयन के पूर्व संबंधित कर्मचारी ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित अभिलेख एवं सामाग्रियों की इनवेंटरी तैयार करेगी. इसके बाद ऐसे कर्मियों के कोषांग में विलयन के लिए मुक्त की जा सकेगी. डीडीसी तैयार अभिलेख को नवगठित होने वाले जिला ग्रामीण विकास शाखा को दिया जायेगा.




