
Ranchi: राजधानी में सरकार और प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी जमीन घोटाला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला खेलगांव थाना क्षेत्र के बड़ागाईं अंचल का है. यहां 55 एकड़ सरकारी जमीन का घोटाला कर लिया गया. इस घोटाले के सामने आने के बाद बड़गाईं सीओ की ओर से खेलगांव थाने में एफआइआर दर्ज कराई गयी है. इस एफआइर में बताया गया है कि होटवार मौजा की कुल 54.75 एकड़ जमीन की जमाबंदी नगनारायण सिंह के नाम पर दर्ज है. जबकि यह जमीन पूरी तरह सरकारी है. सीओ की ओर से बताया गया है कि गैरमजरुआ जमीन की अवैध जमाबंदी की जानकारी मिलने पर जब जांच की गयी तो कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली है. जांच में स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि यह अवैध जमाबंदी पंजी टू के अवैध जमाबंदी मालिक और एनआइसी के अधिकारियों की मिलीभगत से की गयी है. इस मामले में अंचलाधिकारी की ओर से होटवार निवासी एनजी अपार्टमेंट के सामने रहने वाले नरेंद्र गोप, मनन गोप और एनआइसी के अधिकारी व कर्मियों को आरोपित बनाया गया है. एफआइआर दर्ज होने के बाद से पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है.
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सीओ की ओर से एफआइआर में बताया गया हे कि खतियान के अवलोकन में देखा गया है कि जमीनदार के कॉलम में कैफियत कॉलज में शिवदेनी चौधरी पिता जीवत चौधरी दिख रहा है. जबकि रिकॉर्ड रूम और अंचल कार्यालय के खतियान में यह विवरण नहीं है. 3 जुलाई 2017 की ऑनलाइन डाउनलोड खतियाल में भी यह विवरण नहीं है. इससे प्रतीत होता है कि 3 जुलाई के बाद यह छेड़छाड़ किया गया है।
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अपर समाहर्ता के लॉगिन से ही होता है खतियान सुधार
एफआइआर में बताया गया है कि किसी भी प्रकार का रिकॉर्ड में सुधार या खतियान में सुधार अपर समाहर्ता के लॉगिन से ही हो सकता है. इस जमीन से संबंधित अंचल कार्यालय बड़ागाईं की ओर से कोई भी अनुसंशा नहीं की गयी है. 16 दिसंबर को अपर समाहर्ता के लॉगिन से जानने का प्रयास किया गया कि खतियान के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ किस स्तर से हुआ है कि उसमें कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिला. इससे प्रतीत होता है कि अपर समाहर्ता या अंचल कार्यालय से कोई भी सुधार या छेड़छाड़ नहीं किया गया है. यह जमाबंदी पूरी तरह संदेह के घेरे में है.
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