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रात के 12 बजे सीपी सिंह ने बांटे गरीबों को कंबल, ठिठुरते गरीबों को मिली राहत   

ठंड की रात में गरीब मजदूर जो हर दिन ठिठुरते रहते हैं और इंतजार सुबह की धूप का करते हैं

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Ranchi : हमारे राज्य में मंत्रियों के भी अजब खेल हैं. राज्य की जनता का हाल लेने सड़कों पर चुनाव छोड़कर मंत्री जी शायद ही कभी निकलते हों. लेकिन जैसे ही आलाकमान की ओर से फरमान जारी हुआ तो रात के 12 बजे भी निकल पड़े. दरअसल गुरुवार की रात 12 बजे नगर विकास एवं आवास मंत्री सीपी सिंह अपने कुछ कार्यकर्ताओं और कुछ सरकारी अधिकारियों संग कंबल बांटने निकल पड़े. ठंड की रात में गरीब मजदूर जो हर दिन ठिठुरते रहते हैं और इंतजार सुबह की धूप का करते हैं. उनके बीच सीपी सिंह ने कंबल बांटा. आलम यह था कि सोये हुए अवस्था में ही उनके तन पर कंबल मंत्री जी ओढ़ाये जा रहा थे और आगे बढ़े जा रहे थे. दुर्गा मंदिर के पास सो रहे कुछ लोगों को सीपी सिंह ने कंबल दी और आगे बढ़ गए.

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अलाव की भी नहीं की गयी व्यवस्था

न्यूज विंग बीते सप्ताहभर से लगातार यह खबर चला रहा है कि क्या सरकार ठंड के बाद गरीबों को कंबल देगी. अब राज्य के मंत्रियों को इसका अहसास हुआ है और मंत्री जी ने रात के वक्त निकलकर  फिरायालाल एवं दुर्गा मंदिर के समीप सो रहे रिक्शा चालकों और भिखारियों को कंबल बांटा. हालांकि अबतक ठंड लगने से कुछ गरीबों की भी मौत हो गयी. तब जाकर सरकार की नींद खुली रात को 12 बजे मंत्री जी निकल पड़े कंबल वितरण के लिये.

ठंड बढ़ते ही सरकार सड़कों पर अलाव की भी व्यवस्था करती है. मगर इस बार पारा इतना गिरने के बाद भी सरकार भी अलाव के नाम पर चुप बैठी है. वहीं यह गरीब मजदूरों का दुर्भाग्य ही है कि इस कड़ाके की ठंड से बचने के लिए वे खुद से ही कागज, गत्ता और पेड़ के पत्तों चुनकर जला रहे हैं और ठंड से अपना बचाव कर रहे हैं.

रैन बसेरों पर बिचौलियों का कब्जा 

राजधानी में गरीबों के लिए रैन बसेरे बनाये गए हैं, लेकिन उसपर भी बिचौलियों का कब्जा रहता है.  हालत ये है कि कुछ रैन बसेरों के कमरों को बिचौलियों ने किराये पर दे रखा है. जब भी कोई  रिक्शा चालक यहां सोने जाता है, तो उससे पैसों की डिमांड की जाती है. मजबूरन गरीबों को जमीन पर ही सोना पड़ता है. राज्य के मुखिया बार-बार अपने भाषणों में गरीबों को आवास दिलाने की बात कहते हैं, लेकिन धरातल की सच्चाई कुछ और ही बयां करती है.

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