HazaribaghJharkhand

पैक्स में जमा धान का समर्थन मूल्य नहीं मिलने से किसान फंस रहे हैं महाजन के चंगुल में

Hazaribagh : केरेडारी प्रखंड के किसान महाजन से कर्ज लेकर खेती करने पर विवश हैं. प्रखंड की सोलह पंचायत के किसानों ने अपने क्षेत्र के पैक्सों में धान बेचे थे. बेचे गए धान का पैसा किसानों के खाते में भुगतान होने की बात कही गई थी. लेकिन भुगतान नहीं हुआ है.

इसे भी पढ़ें : राज्य के सरकारी हाई स्कूलों व प्लस टू स्कूलों में होगी कंप्यूटर की पढ़ाई, प्रक्रिया शुरू

वर्ष 2020 से महामारी के कारण किसानों की कमर टूट गयी है. लगातार लोकडाउन और सुरक्षा सप्ताह के कारण किसान को उपज बेचने के लिए पर्याप्त बाजार नहीं मिल पाया. जिस कारण किसानों की लागत पूंजी भी डुबती गई. और किसानों को भारी नुकसान सहन करना पड़ा. किसान झारखंड सरकार द्वारा घोषित धान खरीद के उचित समर्थन मूल्य की बातों में आकर पैक्स में धान देते रहे.

advt

लेकिन धान का पैसा नहीं मिलने से किसानों के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही है. केरेडारी के किसान सिंचाई की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण भी परेशान हैं. इस हालत में धान की खेती के लिए अच्छी खासी पूंजी लगानी पड़ती है. किसानों ने इस उम्मीद के साथ धान सरकार को दी थी कि सही समय पर उचित समर्थन मूल्य मिल जाने से राहत मिलेगी.

इसे भी पढ़ें :  बिहार में फिर सक्रिय होगा मानसून, जानिये किन जिलों होगी भारी बारिश…

adv

लेकिन धान बेचे जाने के लगभग छह महीने में भी भुगतान नहीं होने से किसान अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं. गरी कलां, कंडा बेर, बेलतु, हेवई, केरेडारी, पगार, सल्गा, कुठान, बुंडू, के दर्जनों किसानों ने मिलती-जुलती बात कही. सैकड़ों किसानों के धान की पहली किस्त का पैसा भी नहीं मिला है. कुछ को दूसरी किस्त का पैसा नहीं मिला है. चट्टी बारियातू, गरी कलां, देवरिया, बारियातू के कई किसानों ने पैक्स अध्यक्षों के ऊपर आरोप लगाया कि पैक्स अध्यक्ष अपने करीबी लोगों को पैसा दिलवा रहे हैं. मजबूरन किसान महाजन से कर्ज लेकर खेती करने को विवश हो रहे हैं.

इसे भी पढ़ें : बिहार : चमकी बुखार ने ली एक और बच्ची की जान

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: