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झारखंड के ODF का सच : 24 में मात्र 21 जिले ही हो सके हैं पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त

32 हजार गांवों में से 29,558 गांव ODF घोषित

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Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 18 वें स्थापना दिवस के मौके पर पूरे राज्य को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया था. लेकिन भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के पोर्टल पर झारखंड के ओडीएफ की सच्चाई स्पष्ट है. स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी राज्यों के ओडीएफ की स्थिति ऑनलाइन उपलब्ध है.  पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक राज्य में ओडीएफ की सच्चाई क्या है और रघुवर सरकार के दावे उसपर कितने खरे हैं. इसे आंकड़ें ही स्पष्ट कर रहे हैं.

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पोर्टल में दिये गये आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 24 में से 21 जिले पूरी तरफ खुले में शौच से मुक्त हो गये हैं. राज्य के 4368 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित किया गया है, जबकि यहां 4402 पंचायत हैं. कुल 264 प्रखंडों में से 252 को ओडीएफ घोषित किया गया है. राज्य सरकार की तरफ से 29,553 गांवों को इस श्रेणी में शामिल किया गया है, जबकि आंकड़ों के लिहाज से 14,123 गांवों को ओडीएफ घोषित किये जाने को प्रमाणित भी किया जा चुका है. ओडीएफ की श्रेणी में रांची जिला ही लक्ष्य से पीछे चल रहा है. रांची में 96.70 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में ही व्यक्तिगत शौचालय बन पाये हैं.

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40 लाख व्यक्तिगत शौचालय का होना था निर्माण

झारखंड को ओडीएफ बनाने के लिए 40 लाख व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण किया जाना था. 31 मार्च 2018 तक राज्य में 33,44,316 शौचालय ही आंकड़ों में बन पाये थे. इसलिए इस वर्ष सरकार की तरफ से 9.28 लाख से अधिक शौचालय बनाने का लक्ष्य तय किया गया. अब तक लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो पायी है. सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 39,94,680 शौचालय बनाने के लक्ष्य से सरकार पीछे चल रही है. हालांकि इस वर्ष दुमका, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद, देवघर और चतरा जिले में अच्छा काम हुआ है.

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अब भी 2017-18 में 17 लाख शौचालय बनाने का दावा

झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में एक अप्रैल 2018 को कुल 24,12,829 व्यक्तिगत शौचालय थे. 2017-18 वित्तीय वर्ष में झारखंड में 17,17,012 शौचालय बनने का लक्ष्य तय किया गया था. 2017-18 में झारखंड के 1902 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ मुक्त घोषित किया गया. पिछले वर्ष तक देवघर, हजारीबाग, कोडरमा, लोहरदगा और जामताड़ा ही ओडीएफ जिले थे. स्वच्छ भारत मिशन के भारी-भरकम टारगेट से गोड्डा, पाकुड़, गुमला, साहेबगंज, खूंटी, सिमडेगा, चतरा, पलामू, लातेहार, गढ़वा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह और अन्य जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत शौचालय बनाने का लक्ष्य तय किया गया. पिछले वर्ष सरकार की तरफ से 13,873 गांवों को ओडीएफ घोषित किया गया था.

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