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शहरी क्षेत्रों से नक्सलियों तक पहुंच रहे विस्फोटक, पुलिस के लिए बने चुनौती

Ranchi: झारखंड में बड़े पैमाने पर शहरी क्षेत्रों से नक्सली समर्थकों के द्वारा विस्फोटक नक्सलियों तक पहुंचाया जा रहा है. इस बात का खुलासा हाल के महीने में नक्सलियों तक पहुंचने से पहले बरामद हुए भारी मात्रा में विस्फोटक से होता है.

पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती व चिंता यह है कि खनन में प्रयुक्त होने वाला विस्फोटक नक्सलियों तक पहुंच रहे हैं. खनन क्षेत्र के विस्फोटक नक्सलियों तक पहुंचने से रोकना पुलिस के लिए अब चुनौती बन गयी है.

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नक्सली समर्थक पहुंचा रहे हैं विस्फोटक

नक्सली जंगलों में रह कर तो पुलिस को चुनौती दे ही रहे हैं. साथ ही साथ अब शहरों में भी रहकर अपना संगठन चला रहे हैं. शहरों में उनकी गतिविधियां बढ़ रही हैं. शहरों में नाम बदलकर रह रहे नक्सली और उनके समर्थक पहचान बदलकर किराये के मकान में रहते हैं और वह दिनभर पुलिस की गतिविधियों की जानकारी हासिल करते हैं.

फिर संगठन के एरिया कमांडर को इसकी जानकारी देते हैं. इतना ही नहीं ये समर्थक नक्सलियों को विस्फोटक, हथियार और गोली पहुंचाने का काम भी कर रहे हैं. हालांकि इस समस्या के समाधान के लिए पुलिस अपने स्तर से हर संभव कार्रवाई कर रही है.

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पुलिस योजनाबद्ध तरीके से चला रही अभियान

झारखंड पुलिस नक्सलियों के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से अभियान चला रही है. आर्थिक रूप से पंगु बनाने के लिए नक्सलियों की संपत्ति जब्त की जा रही है. लेवी देनेवालों पर भी तेजी से कार्रवाई की जा रही है.

पुलिस आंकड़ों के अनुसार, नक्सल जिले घट रहे हैं. नक्सलियों की पकड़ कमजोर हुई है. इन वजहों से नक्सली बौखलाये हुए हैं और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए एक के बाद एक हिंसक वारदाताें को अंजाम दे रहे हैं.

नक्सलियों तक पहुंचाये जा रहे विस्फोटकों का जखीरा रांची से बरामद

3 अगस्त 2019 को रांची पुलिस ने नगड़ी के बांदूबेड़ा गांव से विस्फाेटकों का जखीरा जब्त किया था. इसमें 37 कार्टन जिलेटिन,25 कार्टन डेटाेनेटर और 10 बाेरा यूरिया शामिल थे. विस्फोटकों के साथ रांची शहर के अनवर खान उर्फ असफाक रिजवी काे भी गिरफ्तार किया गया था. उसने बताया कि यह विस्फोटक का जखीरा नक्सलियों तक पहुंचाया जा रहा था इससे पहले भी वह कई बार नक्सलियों को विस्फोटक पहुंचा चुका था.

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रामगढ़ से गया पहुंचाया जा रहा था विस्फोटक

4 जून 2019 से कार समेत लापता बताये जा रहे रामगढ़ के अधिवक्ता रोबा कॉलोनी रांची रोड निवासी मिथिलेश कुमार सिंह की गुमशुदगी मामले में गुरुवार को उस समय सनसनीखेज मोड़ आ गया था.

उन्हें बिहार के गया जिले के डोभी के पास से रामगढ़ के बिंझार निवासी हार्डकोर नक्सली रुपेश कुमार सिंह के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था. इन दोनों के साथ अधिवक्ता का साथी नईसराय निवासी मो. कलाम भी गिरफ्तार किया गया था. मौके से ही कार में भारी मात्रा में जिलेटिन व नक्सली साहित्य भी बरामद हुआ था, जो नक्सलियों तक पहुंचाया जाना था.

बोकारो से बरामद हुआ था विस्फोटक का जखीरा

9 मार्च 2019 को बोकारो में वाहन चेकिंग के दौरान एक गाड़ी से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए थे. इस मामले में चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था. पुलिस के मुताबिक, गाड़ी से पांच हजार इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और 48 सौ जिलेटिन पावर जेल बरामद किये गये थे. यह सभी विस्फोटक नक्सलियों तक पहुंचाया जा रहा था.

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