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स्मोक मल्टीप्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड: लाखों को लगाया चूना, डाटा एंट्री के नाम पर करोड़ों लेकर फरार

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Ranchi: राजधानी में नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. ठगी का शिकार हुए युवक व युवतियों ने कंपनी के दफ्तर पर जमकर हंगामा किया. मेन रोड स्थित एवीएन ग्रांड होटल के सामने संचालित होने वाली स्मोक मल्टीप्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी लाखों लोगों से डाटा एंट्री के नाम पर करोड़ो रुपयों की ठगी करके फरार हो गयी.

कंपनी के पैसा लेकर भागने से आक्रोशित लोगों ने ऑफिस का ताला तोड़कर यहां रखा सारा सामान लूट लिया. मौके पर पुलिस पहुंच कर मामले कि छानबीन में जुट गयी है. वहीं, यहां काम करने वाले कर्मचारी भी पूरी घटना से अनजान हैं.

ठगी का शिकार हुए लोग

स्मोक नाम की कंपनी लगभग दो लाख लोगों को चूना लगाकर फरार हो गयी. कंपनी के संचालक का नाम कुमार शानू उर्फ अंकित बताया जा रहा है. एक-एक व्यक्ति से 2000 से 6000 तक चूना लगाया गया है.

गौरतलब है कि इस वक्त देश मंदी के दौर से गुजर रहा है. ऑटो सेक्टर के बाद अब बैंक-इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कई सेक्टरों में नौकरी की रफ्तार घट रही है. ऐसे में लोगों को नौकरी के नाम पर बेवकूफ बनाना इस तरह की कंपनी के लिये काफी आसान हो गया है. लोगों को जहां भी नौकरी नजर आ रही है लोग उस ओर भार रहे हैं. यह बिना सोचे कि उन्हें नौकरी मिलेगी या फिर वो ठगे जायेंगे.

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डाटा एंट्री के नाम पर की थी लाखों रुपए की वसूली

हिंदीपीढ़ी थाना क्षेत्र के मेन रोड स्थित एवीएन ग्रांड होटल के सामने संचालित होने वाली स्मोक मल्टीप्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी खोली गयी थी. इस कंपनी ने डाटा इंट्री के नाम पर लाखों युवक और युवतियों से करोड़ों रुपये की ठगी कर ली. और फिर वक्त मिलते ही फरार हो गयी कंपनी. इस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि कंपनी नौकरी के नाम पर लोगों से ठगी कर रही है.

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अचानक फरार हो गयी कंपनी

सामान ले जाते लोग

स्मोक मल्टीप्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के खुले हुए करीब 2 महीने हुए थे. यह कंपनी डाटा एंट्री के नाम पर लोगों से रुपये लेती थी. शुरुआत में कंपनी का कहना था कि एक सप्ताह में 140 पेज भर कर देने पर 3000 मिलेंगे. इसके एवज में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लोगों से 1200 रुपये ली जाती थी.

फिर इस कंपनी ने रजिस्ट्रेशन फी बढ़ाकर 3000 कर दी. जिसमें 15 दिनों में 280 पेज भर कर देना होता था इसके एवज में कंपनी ने लोगों को 6000 रुपया देने की बात कही. शुरुआती दिनों में कुछ लोगों को रुपया दिया भी गया. फिर जैसे-जैसे लोगों की संख्या बढ़ने लगी कंपनी ने रजिस्ट्रेशन फी को बढ़ाकर 6000 रुपया कर दिया और अचानक लोगों से करोड़ों वसूल कर फरार हो गयी.

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