
Ranchi: पिछले दस सालों में पहली बार एक साथ 11 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ गुरुवार को ली. हेमंत सोरेन कैबिनेट के विस्तार के क्रम में ऐसा हुआ. राजभवन, रांची के अशोक उद्यान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में यह नजारा दिखा. 2014-15 से लेकर अबतक (2024) कभी भी एक साथ 11 मंत्रियों ने शपथ नहीं ली थी. हेमंत के कैबिनेट विस्तार के क्रम में सबसे पहले कांग्रेस के छत्तरपुर विधायक राधाकृष्ण किशोर ने मंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद झामुमो के चाईबासा के विधायक दीपक बिरुआ, बिशुनपुर से झामुमो विधायक चमरा लिंडा, गोड्डा से राजद विधायक संजय प्रसाद यादव को मंत्री पद की शपथ दिलाई गयी. राज्यपाल संतोष गंगवार ने सभी मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई. कहा जा रहा है कि राज्य अलग बनने के बाद झारखंड सरकार में पहली बार गोड्डा से किसी विधायक को सीधी भागीदारी करने का मौका मिला है.

संजय यादव के बाद घाटशिला से विधायक और हेमंत सोरेन सरकार की पिछली कैबिनेट का भी हिस्सा रहे रामदास सोरेन ने मंत्री पद की शपथ ली. कांग्रेस के पूर्व मंत्री और जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी ने छठे जबकि झामुमो के पूर्व मंत्री और मधुपुर विधायक हफीजुल हसन अंसारी ने सातवें मंत्री के तौर पर शपथ ली. हफीजुल ने उर्दू में शपथ ग्रहण किया. पूर्व मंत्री और कांग्रेस की महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह, झामुमो के गोमिया से विधायक योगेन्द्र प्रसाद ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. योगेन्द्र पूर्व में विभिन्न बोर्ड, निगम में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं. गिरिडीह से झामुमो के लगातार दो बार निर्वाचित विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के बाद आखिर में मांडर से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की की बेटी शिल्पी नेहा तिर्की ने मंत्री पद की शपथ ली.

इससे पूर्व झामुमो के वरिष्ठ विधायक प्रो स्टीफन मरांडी को राज्यपाल संतोष गंगवार ने प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ दिलायी.

इनकी रही उपस्थिति
मौके पर सीएम हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन सहित इंडी गठबंधन के सभी नव-निर्वाचित विधायक भी उपस्थित थे. इनके अलावा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर सहित झामुमो, कांग्रेस और राजद के कई पदाधिकारियों के अलावा राज्य सरकार के प्रशासनिक पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.

फिर से इंडी गठबंधन सरकार
गौरतलब है कि पिछले दिनों संपन्न विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ झामुमो-कांग्रेस-राजद को बहुमत मिला था. इसके बाद हेमंत सोरेन फिर से सीएम बने थे. मोरहाबादी मैदान में 28 नवंबर को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें शपथ दिलाई थी. उनके सीएम बनने के बाद लगातार सस्पेंस जारी था कि झामुमो-कांग्रेस-राजद से कौन मंत्री बनेगा. चूंकि 9 दिसंबर से विधानसभा सत्र आहूत है. इसे देखते हेमंत सरकार ने अपने मंत्रियों के नाम फाइनल किये और गुरुवार को राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ.

अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि किस मंत्री को कौन-सा विभाग आवंटित किया जाता है. ऐसा कहा जा रहा है कि संभव है कि पिछली सरकार की तरह ही झामुमो-कांग्रेस और राजद के बीच विभागों का बंटवारा हो.




